जम्मू कश्मीर पुनर्गठन बिल 2019 | राज्य पुनर्गठन कैसे होता है?

जम्मू कश्मीर पुनर्गठन बिल 2019 (Jammu Kashmir Reorganization Bill 2019) के विषय में जानकारी

भारतीय संविधान ने भारत के नागरिकों का विकास करने के लिए राज्य पुनर्गठन करने का अधिकार संसद को प्रदान किया है | इसके लिए आवश्यकता और मांग के अनुसार नए- नए राज्यों का गठन किया गया है | संविधान में इसके लिए एक तय प्रक्रिया है, उसी के अनुरूप नए राज्य का गठन किया जा सकता है |  भारत सरकार ने हाल ही में जम्मू कश्मीर राज्य का पुनर्गठन करने का निर्णय लिया है | यदि आपको राज्य पुनर्गठन करने की प्रकिया के विषय में जानकारी नहीं है, तो इस पेज पर जम्मू कश्मीर पुनर्गठन बिल 2019, राज्य पुनर्गठन कैसे होता है के विषय में विस्तार पूर्वक जानकारी दी जा रही है |

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राज्य पुनर्गठन (State Reorganization) कैसे होता है?

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 3 में नए राज्य के गठन की प्रक्रिया का उल्लेख किया गया है, यह प्रक्रिया इस प्रकार है-

  • राज्य पुनर्गठन के लिए संबंधित राज्य विधानसभा के द्वारा अलग राज्य बनाए जाने का प्रस्ताव पारित किया जाता है | राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होने पर केंद्रीय कैबिनेट सीधा निर्णय ले सकता है |
  • विधानसभा से प्रस्ताव पास होने के बाद केंद्रीय कैबिनेट इसके लिए अपनी स्वीकृति प्रदान करता है |
  • राज्य के प्रमुख विषयों पर विचार- विमर्श करने के लिए मंत्रि समूह का गठन किया जाता है |
  • मंत्रि समूह विचार-विमर्श करने के बाद अपनी रिपोर्ट केंद्रीय कैबिनेट को सौंपते है | इस रिपोर्ट को जांचने के पश्चात केंद्रीय कैबिनेट पुनः अपनी स्वीकृति प्रदान करता है |
  • इसके बाद केंद्रीय कैबिनेट एक प्रस्ताव का निर्माण करता है और नए राज्य के पुनर्गठन के लिए अपनी सिफारिशों को राष्ट्रपति के पास भेजता है |
  • राष्ट्रपति इसे संबंधित विधानसभा में उसके सदस्यों की राय जानने के लिए भेजते हैं | इसके लिए एक समय सीमा का निर्धारण किया जाता है |
  • इसके बाद प्रस्ताव को राज्य के विधायकों की राय के साथ केंद्र सरकार के पास भेजा जाता है | गृह मंत्रालय राज्य के विधायकों की राय को शामिल करते हुए एक नया कैबिनेट नोट तैयार करता है |
  • इसके बाद केंद्रीय कैबिनेट के पास राज्य पुनर्गठन विधेयक को स्वीकृति के लिए भेजा जाता है | स्वीकृति मिलने के बाद संसद के दोनों सदनों में पेश किया जाता है और चर्चा की जाती है |
  • चर्चा के बाद दोनों सदनों से साधारण बहुमत से इसे पारित किया जाता है |
  • राज्य पुनर्गठन बिल दोनों सदनों से पारित होने के बाद इसकी स्वीकृति के लिए इसे राष्ट्रपति के पास भेजा जाता है | राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद नए राज्य के गठन की अधिसूचना जारी कर दी जाती है | इस प्रकार से नए राज्य का गठन किया जाता है |

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जम्मू कश्मीर पुनर्गठन बिल 2019 (Jammu Kashmir Reorganization Bill 2019)

  • भारत सरकार ने जम्मू कश्मीर को विकास की धारा से जोड़ने के लिए जम्मू कश्मीर में धारा 370 और धारा 35 A को समाप्त कर दिया है | राष्ट्रपति से स्वीकृति मिलने के बाद इसकी अधिसूचना जारी कर दी गयी है | इस अधिसूचना के बाद जम्मू कश्मीर को प्राप्त विशेष राज्य का दर्जा समाप्त कर दिया गया |
  • विशेष राज्य का दर्जा समाप्त होने के बाद भारत सरकार ने जम्मू कश्मीर पुनर्गठन बिल 2019 के द्वारा जम्मू कश्मीर को दो राज्यों में विभाजित कर दिया है | पहला जम्मू कश्मीर और दूसरा लद्दाख है, यह दोनों राज्य केंद्रशासित प्रदेश होंगे |
  • जम्मू कश्मीर को भारत की राजधानी नयी दिल्ली और पांडुचेरी की तरह केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया है, यहाँ पर विधान सभा का गठन किया जाएगा | पुलिस और सुरक्षा के सभी विषय केंद्र सरकार के पास रहेंगे और उपराज्य पाल के द्वारा राज्य में नियंत्रण रखा जायेगा |
  • लद्दाख राज्य में विधान सभा का गठन नहीं किया जायेगा | यहाँ पर उपराज्य पाल के द्वारा सीधे रूप से राज्य का प्रशासन चलाया जायेगा |

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यहाँ पर हमनें जम्मू कश्मीर पुनर्गठन बिल 2019, राज्य पुनर्गठन कैसे होता है के विषय में जानकारी उपलब्ध करायी है, यदि इस जानकारी से सम्बन्धित आपके मन में किसी प्रकार का प्रश्न आ रहा है, अथवा इससे सम्बंधित अन्य कोई जानकारी प्राप्त करना चाहते है, तो कमेंट बाक्स के माध्यम से पूँछ सकते है,  हम आपके द्वारा की गयी प्रतिक्रिया और सुझावों का इंतजार कर रहे है |

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