पेट्रोल-डीजल के दाम कैसे तय होते है?

पेट्रोल-डीजल के दाम (PRICE OF PETROL AND DIESEL) के विषय में जानकारी

किसी भी देश की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए पेट्रोल और डीजल की अहम भूमिका होती है | जिस देश की प्राकृतिक सम्पदा में पेट्रोल और डीजल की मात्रा अधिक होती है, वह देश अधिक धनवान होता है | वह अपने देश में कच्चे तेल को पृथ्वी से निकाल कर अन्य देशों को बेचता है, जिससे उसको धन की प्राप्ति होती है | भारत में इस प्राकृतिक सम्पदा की कमी है, इसलिए उसे अपनी आवश्यकता का अस्सी प्रतिशत कच्चा तेल खरीदना पड़ता है | इस पेज पर पेट्रोल-डीजल के दाम कैसे तय होता है तथा इसमें सरकार की क्या भूमिका होती है, के विषय में बताया जा रहा है |

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भारत में पेट्रोल-डीजल की आवश्यकता (NEEDS)

भारत में अधिकतर कच्चा तेल विदेशों से खरीदा जाता है, विदेश से 80 प्रतिशत कच्चा तेल ख़रीदा जाता है और 20 प्रतिशत तेल अपने देश भारत में ही उत्पादित किया जाता है | इसके अतिरिक्त भारत में नए- नए स्थानों पर तेल के लिए शोध किया जा रहा है |

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पेट्रोल-डीजल की माप (MEASUREMENT)

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल की बिक्री बैरल के हिसाब की जाती है, एक बैरल में लगभग 162 लीटर कच्चा तेल होता है | यह तेल पाइप लाइनों, पानी के जहाजों इत्यादि साधनों के माध्यम से भेजा जाता है |

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सरकार की भूमिका

भारत सरकार ने पेट्रोल-डीजल को GST में शामिल नहीं किया है, इसलिए इस पर टैक्स अधिक लिया जाता है | केंद्र सरकार इस पर एक्साइज ड्यूटी लेती और राज्य सरकारें वैट लेती हैं |

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पेट्रोल-डीजल के दाम कैसे तय होते है (HOW TO FIX PETROL AND DIESEL PRICE)?

देश के अंदर तेल का आयात बेस प्राइस के आधार पर किया जाता है | यदि तेल का शोधन अपने देश के अंदर किया जाता है, तो उसका मूल्य बेस प्राइज में घटा दिया जाता है, शोधन होने के बाद शोधन पर लगने वाला खर्च और केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार के टैक्स को जोड़ा जाता है | इन टैक्स का भुगतान करने के बाद डीलर अपने चार्ज को जोड़ता है, इन सबके बाद जोड़ी गयी कुल राशि ग्राहकों से वसूली जाती है | इस प्रकार से पेट्रोल-डीजल के दाम तय किये जाते है |

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टैक्स (TAXES)

जिस मूल्य पर हम पेट्रोल पंप से पेट्रोल या डीजल को खरीदते हैं उसका लगभग 48 प्रतिशत ही बेस प्राइस अथवा आधार मूल्य होता है | बेस प्राइस पर सरकार 35 प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी, 15 प्रतिशत सेल्स टैक्स, 2 प्रतिशत कस्टम ड्यूटी लगाती है | यह सब टैक्स जोड़ने के बाद ही पेट्रोल-डीजल का मूल्य निर्धारित किया जाता है |

टैक्स का प्रकार पट्रोल डीजल
डीलर को आपूर्ति होने वाली कीमत 35.15 37.42
एक्साइज (केंद्र सरकार का हिस्सा) 19.48 15.33
डीलर का कमीशन 3.6 2.52
वैट (राज्य सरकार का हिस्सा) 15.72 9.55
खुदरा बिक्री मूल्य (RSP) 73.95 64.82

 

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