भारत स्टेज 4 (BS-4) और भारत स्टेज 6 (BS-6) क्या है

भारत स्टेज 4 और भारत स्टेज 6 क्या है 

भारत में प्रदूषण को नियंत्रण करने के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के द्वारा मानक निर्धारित किये जाते है | इसके मानक को बीएस अथार्त भारत स्टेज के नाम से जाना जाता है, अभी तक भारत में BS-4 ही लागू था | जिसे सरकार ने BS-6 में परिवर्तन करने का निर्णय लिया है, यह वाहनों द्वारा उत्सर्जित किये गए प्रदूषण को नियंत्रित करने के मानक है | इस पेज पर भारत स्टेज के मानदंडों के विषय में जानकारी प्रदान की जा रही है |

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बीएस क्या है ?

बीएस का अर्थ भारत स्टेज है, इसका सम्बन्ध वाहनों के अंदर होने वाले आतंरिक दहन के पश्चात उसमें से निकलने वाली प्रदूषित वायु में हानिकारक तत्वों की मात्रा से है | यह हानिकारक तत्वों की मात्रा को निर्धारित करने का मानक है |

बीएस (Bharat Stage emission standards)

bs4

भारत में बीएस को वर्ष 2000 में लांच किया गया था | केंद्र सरकार ने इसे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अंतर्गत रखा है, बीएस में प्रदूषण के स्तर के अनुसार इसे बीएस 1,बीएस 2, बीएस 3,बीएस 4,बीएस 5, बीएस 6 नाम दिया गया है |

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भारत स्टेज 4 (BS-4)

BS-4 को भारत में अप्रैल 2017 में लागू किया गया था, इसके मानक इस प्रकार है |

पेट्रोल

Emisson Norms (उत्सर्जन नियम ) CO HC NOX HC+Nox PM
BS-4 1.00 0.10 0.08
Euro 1.00 0.10 0.06 0.05

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डीजल

Emisson Norms (उत्सर्जन नियम ) CO HC NOX HC+Nox PM
BS-4 0.50 0.25 0.30 0.025
Euro 0.50 0.06 0.17 0.005

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  • CO (Carbon Monoxide) मुख्यतः पेट्रोल इंजन में पाया जाता है |
  • HC (Hydrocarbon) मुख्यतः पेट्रोल इंजन में पाया जाता है |
  • NOx (Nitrogen Oxide emission) मुख्यतः डीजल इंजन में पाया जाता है |
  • PM (Particulate Matter) मुख्यतः डीजल इंजन में पाया जाता है |

भारत स्टेज 6 (BS-6)

भारत में प्रदूषण के बढ़ते हुए स्तर को देख कर भारत सरकार ने BS-5 के स्थान पर भारत स्टेज 6 (BS-6) को अप्रैल 2020 में लांच करने का निर्णय लिया है |

भारत स्टेज 6 (BS-6) से परिवर्तन

  • DPF (diesel particulate filter) लगाया जायेगा | जिससे की Particulate Matter को कम करने का प्रयास किया जायेगा | यह एक सिलिंडर के आकार की एक यूनिट होती है, जिसे इंजन के पास में लगाया जाता है |
  • Nitrogen Oxide को कम करने के लिए SCR (Selective Catalytic Reduction) Module को लगाया जायेगा |
  • बहुत ही कम उत्सर्जन को प्राप्त करने के लिए सभी रिएक्शन को उचित मात्रा में होना आवश्यक है, इसे करने के लिए माइक्रोप्रोसेसर का प्रयोग किया जायेगा |
  • गाड़ी निर्माता कंपनियों को ऐसे पेट्रोल इंजन का निर्माण अधिक करना होगा जिससे की CO कम हो और उसे कण्ट्रोल में रखा जा सके | इसके लिए उन्हें gasoline direct injection engines का भी प्रयोग करना होगा |

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यहाँ पर हमनें आपको भारत स्टेज 4 (BS-4) और भारत स्टेज 6 (BS-6) के विषय में बताया, यदि इस जानकारी से सम्बन्धित आपके मन में किसी प्रकार का प्रश्न आ रहा है, अथवा इससे सम्बंधित अन्य कोई जानकारी प्राप्त करना चाहते है, तो कमेंट बाक्स के माध्यम से पूँछ सकते है,  हम आपके द्वारा की गयी प्रतिक्रिया और सुझावों का इंतजार कर रहे है |

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