फ्लोचार्ट (flowchart) क्या है

फ्लो चार्ट बनाने से लाभ और हानि 

कंप्यूटर में किसी भी सॉफ्टवेयर को बनाने के लिए प्रोग्राम बनाना होता है, प्रोग्राम बनाने के लिए अल्गोरिथम लिखना पड़ता है, अल्गोरिथम के बाद आपको फ्लोचार्ट चार्ट बनाना पड़ता है | फ्लो चार्ट प्रोग्राम के कोड को लिखने में बहुत ही सहायता करता है | फ्लोचार्ट चार्ट के द्वारा ही प्रोग्रामर को समझ में आता है, कि प्रोग्राम कैसे बनाये और वह किस तरह रन करेगा | किसी भी अल्गोरिथम को फ्लो चार्ट के रूप में परिवर्तित करने पर कुछ विशेष डायग्राम का प्रयोग किया जाता है, उन्ही डायग्राम की सहायता से ही आप फ्लो चार्ट बना सकते है, फ्लो चार्ट क्या है इस पेज पर फ्लोचार्ट बनाने के विषय में जानकारी दी जा रही है |

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फ्लोचार्ट क्या है ?

किसी भी प्रोग्राम के लिए बनाये गए अल्गोरिथम को डायग्राम में प्रदर्शित करने के लिए फ्लोचार्ट बनाया जाता है | उन डायग्राम के अंदर प्रोग्राम को लिखा जाता है, जिससे आसानी से समझ में आ जाये की प्रोग्राम कैसे चलेगा | फ्लोचार्ट में स्क्वायर(Square) , रेक्टेंगल (Rectangle) ,डायमंड (Diamond) ,एरो(Arrow) इत्यादि जैसे सिंबल (Symbol) का प्रयोग किया जाता है | इन्हीं सिंबल से ही हमे जानकारी प्राप्त होती है, कि प्रोग्राम कैसे रन कर रहा है |

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1.स्टार्ट और स्टॉप सिंबल

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इस सिंबल का प्रयोग फ्लो चार्ट में प्रोग्राम को शरू करने और बंद करने के लिए किया जाता है | जब भी कोई प्रोग्राम फ्लोचार्ट पर बनाया जाता है, तो इस सिंबल पर प्रोग्राम को शरू करने के लिए start लिखा जाता है | प्रोग्राम को बंद करने के लिए इस सिम्बल पर stop लिखा जाता है |

2.इनपुट और आउटपुट सिंबल

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फ्लो चार्ट (FlowChart) में इस सिम्बल का प्रयोग किसी भी वैल्यू को लेने को इनपुट कहा जाता है और उस वैल्यू के बाद जो परिणाम प्राप्त होता है, उसे आउटपुट कहा जाता है, जैसे की दो नंबरों को जोड़ना है, तो दोनों नंबरों को इसी बॉक्स या सिम्बल में रखा जाता है, इसके बाद प्रोसेस होने के बाद जो परिणाम प्राप्त होता है, वह भी आउटपुट सिंबल या बॉक्स में रखा जाता है |

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3.प्रोसेस और इंस्ट्रक्शन

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इस सिम्बल या बॉक्स में किसी भी वैल्यू में जो कैलकुलेशन होता है, वह इसी सिम्बल में होता है, जैसे जब दो नंबरों को जोड़ा जाता है, तो जोड़ने का जो प्रोसेस होगा वह इसी बॉक्स या सिम्बल में सम्पन्न होगा |

4.क्वेश्चन और डिसिशन सिंबल

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इस सिंबल का प्रयोग किसी निर्णय को लेने के लिए किया जाता है, जैसे प्रोग्राम में कोई दो कंडीशन है पहली ट्रू और दूसरी फाल्स इसमें कंडीशन के हिसाब से  ट्रू और फाल्स का निर्णय लिया जाता है |

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5.एरो और डायरेक्शन लाइन्स सिंबल

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इस सिम्बल का प्रयोग किसी भी दिशा को दर्शाने के लिए किया जाता है, जैसे कि कोई कोई कंडीशन ट्रू है, तो यह सिम्बल दूसरी तरफ जाने को दर्शायेगा और यदि कंडीशन फाल्स है, तो यह सिम्बल दूसरी तरफ जाने का दर्शायेगा |

6.कनेक्टर सिंबल

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इस सिंबल का प्रयोग फ्लो चार्ट के एक भाग को दूसरे भाग से जोड़ने के लिए किया जाता है, जैसे कि दो फ्लो चार्ट है और आपको दोनों को कनेक्टेड दिखाना है, तो आप इसकी सहायता से दोनों को कनेक्ट दिखा सकते है |

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7.कमेंट्स, एक्सप्लेनेसन, डेफिनिशन

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इस सिंबल का प्रयोग फ्लोचार्ट में किसी भी तरह की सूचना या निर्देश को बताने के लिए किया जाता है, इसका प्रयोग किसी भी प्रकार के कमेंट देने के लिए भी किया जाता है |

8.प्रिपरेशन सिंबल

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इस सिंबल का प्रयोग एडवांस्ड प्रोग्रामिंग में किया जाता है इसका मुख्य प्रयोग प्रोग्रामिंग में प्रिपरेशन करने में किया जाता है, जैसे की डू लूप (Do Loop) इत्यादि |

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9.सेपरेट फ्लोचार्ट सिंबल

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इस सिंबल का प्रयोग एडवांस्ड प्रोग्रामिंग में किया जाता है, इसका मुख्य प्रयोग किसी फ्लोचार्ट को अन्य फ्लोचार्ट से अलग करने के लिए किया जाता है |

फ्लो चार्ट बनाने के लाभ

  • किसी भी प्रोग्राम में कम्युनिकेशन की जानकारी प्राप्त करने में आसानी होती है |
  • फ्लो चार्ट की सहायता से किसी भी प्रोग्राम को आसानी से समझा जा सकता है |
  • इसकी सहायता से डाटा कहा फ्लो करता है, आसानी से पता चल जाता है |
  • किसी भी न्यू सिस्टम डिजाईन करने के लिए यह सबसे अच्छा टूल है |

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फ्लो चार्ट बनाने से हानि  

  • फ्लो चार्ट बनाने में बहुत ही अधिक समय लगता है
  • सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट में यह बहुत ही धीमी गति प्रदान करता है
  • फ्लो चार्ट को प्रोड्यूस और मैनेज करना बहुत ही कठिन होता है

यहाँ पर हमनें आपको फ्लोचार्ट बनाने के विषय में जानकारी उपलब्ध करायी है, यदि इस जानकारी से सम्बन्धित आपके मन में किसी प्रकार का प्रश्न आ रहा है, अथवा इससे सम्बंधित अन्य कोई जानकारी प्राप्त करना चाहते है, तो कमेंट बाक्स के माध्यम से पूँछ सकते है,  हम आपके द्वारा की गयी प्रतिक्रिया और सुझावों का इंतजार कर रहे है |

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