आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) संगठन क्या है

आरएसएस संगठन क्या है 

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ भारत का प्रमुख स्वयंसेवी संगठन है, यह भारत को खुशहाल, समृद्धशाली, सनातन संस्कृति के मूल्यों के संवर्द्धन का प्रयास करता है | संघ ने सदैव  समाज में वर्ग भेद, जाति भेद व ऊँच-नीच का भेदभाव समाप्त करने का प्रयास किया | संघ में रक्षक समता, मण्डल समता, गण समता, दण्ड प्रदर्शन, योगासन, नियुद्ध व घोष का प्रदर्शन किया जाता है | संघ देश किसी भी आपदा ग्रस्त क्षेत्र में सहयोग के लिए तत्पर तैयार रहता है | आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) संगठन क्या है ये कैसे कार्य करता है ? इसके विषय में आपको इस पेज पर विस्तार से बता रहे है |

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राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का इतिहास

आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) विश्व का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन है, इसकी स्थापना  27 सितंबर 1925 को विजयदशमी के दिन केशव बलराम हेडगेवार ने की थी | इसका मुख्य लक्ष्य भारत को हिंदू राष्ट्र बनाना था | संघ के गठन के समय इसमें केवल 17 लोग थे | इस समय समय सम्पूर्ण भारत में इसके लाखों सदस्य है | संघ का नामकरण ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ’ 17 अप्रैल 1926 को रखा गया था | संघ के सदस्यों में हेडगेवार के साथ विश्वनाथ केलकर, भाऊजी कावरे, अन्ना साहने, बालाजी हुद्दार, बापूराव भेदी प्रमुख लोग सम्मिलित  थे |

संघ का नाम

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का नाम रखने से पूर्व इस पर काफी गहन विचार- विमर्श किया गया | नाम निर्धारण के समय तीन नामों का सुझावों दिया गया, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, जरीपटका मंडल और भारतोद्वारक मंडल | इस समय संघ के 26 सदस्य थे | नाम निर्धारण के लिए वोटिंग कराई गयी थी, जिसमें  26 सदस्यों में 20 वोट राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पक्ष में पड़े,  इस प्रकार से संघ का नाम राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ रखा गया |

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संघ की प्रार्थना

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ में ‘नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे’ प्रार्थना की जाती है, संघ के प्रथम संघप्रमुख केशव बलराम हेडगेवार ने संघ को स्पूर्तिवान बनाने के लिए व्यायामशालाएं या अखाड़ों का आयोजन किया | उन्होंने संघ सदस्य को स्वस्थ और सुगठित होने की कल्पना की थी | संघ की प्रार्थना से सवयंसेवक के अंदर देश प्रेम की भावना को जाग्रत किया जाता था |

संघ का क्षेत्र

आरएसएस के अनुसार संघ परिवार में 80 से अधिक समविचारी या आनुषांगिक संगठन हैं, यह सम्पूर्ण विश्व के 40 देशों में सक्रीय है | वर्तमान समय में संघ की 56 हजार 569 दैनिक शाखाएं है | इसके अतिरिक्त लगभग 13 हजार 847 साप्ताहिक मंडली और 9 हजार मासिक शाखाएं भी हैं | संघ में पंजीकरण नहीं किया जाता है, उपस्थिति के आधार पर जानकारी दी गयी है, कि 50 लाख से अधिक स्वयंसेवक नियमित रूप से शाखाओं में आते हैं | इसकी शाखा प्रत्येक तहसील और लगभग 55 हजार गांवों में है |

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संघ के कार्य

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ  देश हित में कार्य करता है, देश पर किसी भी प्रकार की आपदा की स्थिति में संघ देश के साथ सहयोग करता है | संघ ने हिन्दुओं को संगठित करने का महत्वपूर्ण कार्य किया है, 1963 में स्वामी विवेकानन्द जन्मशताब्दी के अवसर पर विवेकानन्द शिला स्मारक निर्मित का संकल्प लेकर सम्पूर्ण देश के जन मानस को जाग्रत कर के धन संग्रह के बाद विवेकानन्द स्मारक का निर्माण कराया | 1964 में विश्व हिन्दू परिषद् की स्थापना की | 1969 में उड्डपी में आयोजित धर्म सभा में अस्पृश्यता अमान्य कर दिया तथा धर्म में छुआछूत का कोई स्थान नहीं की उदघोषणा की | 1986 से श्रीराम जन्मभूमि आन्दोलन द्वारा हिन्दू समाज का स्वाभिमान जाग्रत किया | संघ के कई सदस्य भारत के सर्वोच्च पद पर आसीन हुए है, जैसे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी इत्यादि |

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