अटल बिहारी वाजपेयी का राजनैतिक सफ़र

अटल जी का राजनैतिक सफ़र और इतिहास 

अटल बिहारी वाजपेयी भारत के पूर्व प्रधान मंत्री थे | अटल जी का भारतीय राजनीति में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है | जिसके कारण भारत में भारतीय जनता पार्टी देश की एक प्रमुख पार्टी के रूप में उभर कर आयी है | यह एक ऐसे राजनेता थे, जिनका सम्मान पार्टी के साथ विपक्ष भी करता था, इन्होंने भारत और पाकिस्तान के रिश्तों को सुधारने का प्रयास किया, परन्तु पाकिस्तान की सोची-समझी रणनीति के कारण यह संभव नहीं हुआ | यह एक राजनेता के साथ एक महान कवि और लेखक भी थे | इस पेज पर आपको श्री अटल जी का राजनैतिक सफ़र और इतिहास से सम्बंधित जानकारी विस्तार से दे रहे है |

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जीवन परिचय

1.अटल बिहारी वाजपेयी जी का जन्म 25 दिसंबर, 1924 को मघ्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ, इनके पिता श्री कृष्ण बिहारी वाजपेयी तथा माता का नाम कृष्णा देवी था | अटल बिहारी वाजपेयी जी के तीन भाई और तीन बहनें थी, इनके भाइयों का नाम प्रेम बिहारी वाजपेयी, अवध बिहारी वाजपेयी,सुदा बिहारी वाजपेयी है तथा बहनें विमला मिश्रा, उर्मिला मिश्रा और कमला देवी है |

2.इन्होंने ग्वालियर के विक्टोरिया कॉलेज जो वर्तमान में लक्ष्मीबाई कॉलेज के नाम से जाना जाता है तथा के डी. ए. वी. कॉलेज कानपुर उत्तर प्रदेश से शिक्षा ग्रहण की है, इनकी उच्चतम शिक्षा राजनीति विज्ञान में एम. ए. है, वर्ष 1993 मे कानपुर विश्वविद्यालय ने इन्हें दर्शन शास्त्र में पी.एच डी की मानद उपाधि से सम्मानित किया था |

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राजनैतिक सफर

अटल बिहारी बाजपेई

1.अटल बिहारी वाजपेयी जी ने स्वतंत्रता सेनानी के रूप में अपना राजनितिक करियर शुरू किया, अटल जी श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी से बहुत प्रभावित थे, इसलिए इन्होंने श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की पार्टी भारतीय जन संघ (बीजेएस) से जुड़ गए |

2.भारतीय जन संघ पार्टी में उत्तरी क्षेत्र का राष्ट्रीय सचिव बना दिया गया, इसी पार्टी की तरफ से सर्वप्रथम वर्ष 1957 में उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले से इन्होंने अपना लोकसभा का चुनाव लड़ा तथा उसमे जीत भी दर्ज की थी |

3.अटल जी के योगदान से प्रभावित होकर वर्ष 1968 में इन्हें भारतीय जन संघ का राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दिया गया |

4.वर्ष 1975  में इन्होंने तत्कालीन प्रधान मंत्री श्री इंदिरा गाँधी के द्वारा लगाए गए आपातकाल के विरोध में जय प्रकाश नारायण के द्वारा शुरू किये गए आंदोलन में भाग लिया तथा आंदोलन को एक देशव्यापी आंदोलन बना दिया |

5.वर्ष 1977 में इनकी पार्टी भारतीय जन संघ ने इंदिरा गाँधी की सरकार को पराजित करने के लिए जनता पार्टी के साथ गठबंधन कर लिया |

6.मोरार जी देसाई के नेतृत्व में वर्ष 1977 में इनकी पार्टी को जीत प्राप्त हुई और अटल जी को विदेश मंत्री का पद प्रदान किया गया, इसी समय इन्होंने विदेश में हिंदी भाषा में अपना पहला भाषण दिया था |

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भारतीय जनता पार्टी का गठन

अटल जी ने वर्ष 1980 में लाल कृष्ण अडवाणी, भैरो सिंह शेखावत और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के सहयोग से भारतीय जनता पार्टी का गठन किया | भारतीय जनता पार्टी बहुत ही कम समय में कांग्रेस पार्टी की प्रतिद्वंदी पार्टी बन गयी, जिससे कांग्रेस पार्टी को भारी हानि का सामना करना पड़ा |

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अटल बिहारी वाजपेयी जी प्रधान मंत्री के रूप में

1.वर्ष 1996 में भारतीय जनता पार्टी को जीत प्राप्त हुई और देश में प्रथम बार इन्होंने सरकार बनायीं | भारतीय जनता पार्टी की ओर से अटल बिहारी वाजपेयी जी देश के दसवें प्रधान मंत्री के रूप में चुने गए, परन्तु राजनीतिक कारणों से इनकी सरकार 13 दिन के बाद गिर गयी ओर इन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया |

2.अटल जी वर्ष 1998 में नेशनल डेमोक्रेट एलायंस में प्रधान मंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की, इसके बाद वर्ष 1999 में नेशनल डेमोक्रेट एलायंस टूटने के कारण इनको अपने पद से त्याग पत्र देना पड़ा | यह सरकार मात्र 13 महीने ही चली |

3.वर्ष 1999 में हुए लोकसभा चुनाव में डेमोक्रेट एलायंस ने फिर जीत प्राप्त की और प्रधान मंत्री के रूप श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी चुने गए, जिन्होंने भारत के इतिहास में प्रथम बार गैर कांग्रेसी नेता के रूप में अपना कार्यकाल वर्ष 2004 तक पूरा किया |

4.वर्ष 2004 में भारतीय जनता पार्टी को लोकसभा चुनाव में हार मिली और कांग्रेस ने सरकार बनायीं, इसके बाद वर्ष 2005 में इन्होंने राजनीति से रिटायरमेंट ले लिया तथा पार्टी की जिम्मेदारी लाल कृष्ण आडवाणी और प्रमोद महाजन को सौंप दिया |

5.अटल बिहारी वाजपेयी जी का निधन 16 अगस्त 2018 को हो गया, बहुमुखी व्यक्तित्व वाले पूर्व प्रधान मंत्री के लिए 7 दिन का राष्ट्रीय शोक रखा गया था, भारतीय राजनीति में ऐसे बहुत ही कम नेता है, जिन्होंने ने निस्वार्थ होकर देश के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया हो, उन्ही में से एक है, भारत के पूर्व प्रधान मंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी, जिनका नाम भारत इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों से लिखा गया है |

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