महात्मा गाँधी के सर्वश्रेष्ठ अनमोल वचन

महात्मा गाँधी के गुण और उनके सामाजिक विचार

गाँधी जी का जीवन बहुत ही सरल था | इनकी जीवनी ‘माय एक्सपेरिमेंट विथ ट्रुथ’ में इन्होंने अपने जीवन से सम्बंधित जानकारी दी गयी है | महात्मा गांधी का पूरा जीवन हमारे लिये सबसे प्रेरणा का स्त्रोत है | आज भी हम गाँधी जी के विचार और उनकी कहानियां सुन कर प्रेरित होते है | गाँधी जी सम्पूर्ण भारत की वह प्रेरणा है, जिसका अनुसरण कर जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है | गाँधी जी ने सत्य, अहिंसा और त्याग के सहारे सम्पूर्ण भारत को जीत लिया, इसलिए आज भी हम उन्हे प्यार से बापू कहकर पुकारते  है | मित्रो, आज हम आपको इस पेज पर महात्मा गाँधी के सर्वश्रेष्ठ अनमोल वचन, गुणो के बारे में बता रहे है |

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महात्मा गाँधी के सर्वश्रेष्ठ अनमोल वचन

1.कुरीति के अधीन होना कायरता है,

उसका विरोध करना पुरुषार्थ है..

2.मृत, अनाथ, और बेघर को इससे क्या फर्क पड़ता है,

कि यह तबाही सर्वाधिकार या फिर स्वतंत्रता या लोकतंत्र के पवित्र नाम  पर लायी जाती है |

3.मैं मरने के लिए तैयार हूँ, पर ऐसी कोई वज़ह नहीं है,

जिसके लिए मैं मारने को तैयार हूँ…

4.क्रोध और असहिष्णुता सही समझ के दुश्मन हैं..

पूंजी अपने-आप में बुरी नहीं है, उसके गलत उपयोग में ही बुराई है |

किसी ना किसी रूप में पूंजी की आवश्यकता हमेशा रहेगी…

6.अपनी गलती को स्वीकारना झाड़ू लगाने के सामान है,

जो धरातल की सतह को चमकदार और साफ़ कर देती है…

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7.केवल प्रसन्नता ही एकमात्र इत्र है,

जिसे आप दुसरो पर छिड़के तो उसकी कुछ बुँदे अवश्य ही आप पर भी पड़ती है…

8.विश्वास करना एक गुण है,

अविश्वास दुर्बलता कि जननी है..

9.कोई त्रुटी तर्क-वितर्क करने से सत्य नहीं बन सकती,

और ना ही कोई सत्य इसलिए त्रुटी नहीं बन सकता है |

क्योंकि कोई उसे देख नहीं रहा…

10.जो समय बचाते हैं,

वे धन बचाते हैं और बचाया हुआ धन, कमाएं हुए धन के बराबर है…

11.यद्यपि आप अल्पमत में हों, पर सच तो सच है..

12.जो भी चाहे अपनी अंतरात्मा की आवाज़ सुन सकता है,

वह सबके भीतर है..

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13.आप आज जो करते हैं उस पर भविष्य निर्भर करता है..

14.राष्ट्रीय व्यवहार में हिन्दी को काम में लाना,

देश की उन्नति के लिए आवश्यक है..

15.सत्य कभी ऐसे कारण को क्षति नहीं पहुंचाता जो उचित हो..

16.ख़ुशी तब मिलेगी जब आप जो सोचते हैं,

जो कहते हैं और जो करते हैं, सामंजस्य में हों…

17.अपने प्रयोजन में द्रढ विश्वास रखने वाला,

एक सूक्ष्म शरीर इतिहास के रुख को बदल सकता है…

18शांति का कोई रास्ता नहीं है, केवल शांति है..

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19.विश्वास को हमेशा तर्क से तौलना चाहिए |

जब विश्वास अँधा हो जाता है तो मर जाता है…

20.विश्व के सभी धर्म, भले ही और चीजों में अंतर रखते हों,

लेकिन सभी इस बात पर एकमत हैं कि दुनिया में कुछ नहीं बस सत्य  जीवित रहता है…

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महात्मा गाँधी सामाजिक विचार

राष्‍ट्रपिता महात्मा गाँधी जी के सामाजिक तीन सूत्र थे |

प्रथम – सामाजिक गंदगी को दूर करने के लिए झाड़ू का सहारा |

द्वितीय – सामूहिक प्रार्थना करना जिससे व्यक्ति जात-पात और धर्म की बंदिशों को छोड़कर एकजुट हो जाता है |

तृतीय- चरखा यह व्यक्ति को आत्मनिर्भर और एकता में बांधे रखने का प्रतीक है |

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महात्मा गाँधी के गुण

  • कभी हार न मानो और लगातार प्रयास करते रहो
  • लक्ष्य का रास्ता भी लक्ष्य जैसा सुन्दर होता है
  • शांति आपको अपने अंदर से ही मिलती है, बाहरी वातावरण से नही
  • माफ़ करना मजबूत लोगो की निशानी है, ना की कमजोर लोगो की
  • अगर आप बदलाव देखना चाहते है, तो पहले अपने आप को बदलिए

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