लाल बहादुर शास्त्री की मौत का सच

लाल बहादुर शास्त्री की मृत्यु का रहस्य 

लाल बहादुर शास्त्री जी भारत के दूसरे प्रधानमंत्री थे, भारत में इनकी छवि बहुत ही स्पष्ट और साफ़ सुथरी थी, जिस कारण से सर्वसम्मति से इन्हें प्रधानमंत्री चुना गया था | भारत और पाकिस्तान के युद्ध में पाकिस्तान को बहुत बुरी तरह से पराजित होना पड़ा था | भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कई प्रांतों पर कब्ज़ा कर चुकी थी, परन्तु ताशकंद समझौते के बाद वह सभी प्रान्त भारत को छोड़ना पड़ा | उसी समझौते की रात को लाल बहादुर शास्त्री जी हत्या कर दी गयी | इस पेज पर आपको लाल बहादुर शास्त्री जी की मृत्यु सम्बंधित तथ्यों के बारे बता रहे है |

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लाल बहादुर शास्त्री की मौत का सच

वर्ष 1965 में भारत ने पाकिस्तान को युद्ध में पराजित कर दिया था | जिसके बाद वर्ष 1966 में भारत और पाकिस्तान के मध्य एक समझौता हुआ, जिसे ताशकंद समझौते के रूप में जाना जाता है | यह समझौता उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में संम्पन्न हुआ था, ठीक उसी रात को वहां पर दिल के दौरा पड़ने के बाद मृत्यु हो गयी थी, परन्तु इसकी मुख्य वजह क्या थी, इसकी अभी तक जानकारी नहीं हो पायी है | जब शास्त्री जी का पार्थिव शरीर भारत लाया गया तो उनका शरीर नीला था, चकते पड़े थे और कटे के कुछ निशान भी थे, जिससे पता चलता है कि उनकी मृत्यु दिल के दौरे से नहीं बल्कि इनकी हत्या की गयी थी |

शास्त्री जी के डॉक्टर आरएन चुग ने कहा था कि उन्हें दिल की कोई बीमारी नहीं थी, जिसके बाद उनकी  सड़क हादसे में मृत्यु हो गई थी |

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लाल बहादुर शास्त्री जी ने अंतिम बार अपनी बेटी से फोन पर बात की थी उस समय उन्होंने कहा था कि वह खाना खा चुके है और सोने के लिए जा रहे है, उनकी मृत्यु के बाद रसोइए को भी गिरफ्तार किया गया था, परन्तु सबूतों की कमी के कारण वह छूट गया था |

कहा जाता है, कि जिस रात शास्त्रीजी की मृत्यु हुई थी, उस रात में शास्त्री जी के लिए खाना उनके निजी सर्वेंट रामनाथ ने नहीं, बल्कि सोवियत में भारतीय राजदूत टीएन कौल के कुक जान मोहम्मद ने बनाया था |

कुछ समय के बाद उस नौकर की सड़क हादसे में मृत्यु हो गयी इससे यह प्रतीत होता है, कि शास्त्री जी कि मृत्यु बहुत षड़यत्र रच कर की गयी थी और जिनको इसके विषय में थोड़ी बहुत जानकारी थी, उनको एक-एक कर के मार दिया गया |

लाल बहादुर शास्त्री जी की मृत्यु के लिए कई बार आरटीआई भी डाली गयी पर कोई भी संतोष जनक उत्तर नहीं दिया जा सका |

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कैसे और कहाँ हुई

लाल बहादुर शास्त्री जी की मृत्यु 10 जनवरी 1966 को उज्बेकिस्तान (1991 तक सोवियत संघ का एक घटक था) की राजधानी ताशकंद में हुई थी | इनकी हत्या एक षडंयत्र रच कर की गयी थी, जिसमें पाकिस्तान का हाथ होने की बात आशंका व्यक्त की जा रही है |

भारत पाकिस्तान के बीच जिस दिन समझौता हुआ उस रात को खाना खाने के बाद संदिग्त हालत में उनकी मृत्यु हो गयी थी, जिसकी सही जानकारी अभी तक प्राप्त नहीं हो पायी है |

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