मीसा (MISA) कानून क्या है

मीसा (MISA) कानून से सम्बंधित जानकारी

मीसा कानून (ACT) एक बड़ा कानून होता था, जिसकी शुरुआत 1971 में की गई थी | यह एक ऐसा कानून है, जो आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था अधिनियम के तहत भारतीय संसद द्वारा पारित किया जाने वाला क़ानून है | इस कानून में व्यवस्था बनाये रखने वाली संस्थाओं  के अधिकारों को शामिल किया गया था।  जब यह क़ानून लागू किया जा रहा था, तो 1975-1977 के दौरान इसमें कई संशोधन भी किये गए थे और बहुत से राजनीतिक बन्दियों पर इसे लागू  किया गया था | यदि आप भी मीसा कानून के विषय में जानना चाहते हैं, तो यहाँ पर आपको  मीसा (MISA) कानून क्या है | मीसा एक्ट (MISA) का फुल फॉर्म की जानकारी प्रदान की जा रही है |

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मीसा (MISA) कानून  

साल 1975 के जून महीने में मीसा कानून  की शुरुआत हो जाने के बाद विपक्ष के कई नेताओं को जेल में डाल दिया गया था,  जिनमें पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर लाल कृष्ण आडवाणी, अरुण जेटली, रविशंकर प्रसाद तक को जेल जाना पड़ गया था | मीसा कानून का गठन साल 1971 में  कर दिया गया था, लेकिन इस क़ानून को उपयोग में आपातकाल के दौरान लाया गया और इसके तहत कांग्रेस विरोधियों, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को जेल में  डाला गया था | इस मीसा कानून की सहायता से ही इंदिरा गांधी की निरंकुश सरकार ने अपने राजनीतिक विरोधियों को कुचलने का काम पूरा कर डाला था| 

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मीसा एक्ट (MISA) का फुल फॉर्म  

मीसा एक्ट का फुल फॉर्म “Maintenance of Internal Security Act” होता है वहीं इसकी कैटगरी  Governmental » Law & Legal” होती है मीसा कानून भारतीय संसद द्वारा पारित किया गया एक कानून था, जिसके तहत व्यक्तियों के बिना “निवारक” निरोध, खोज और जब्ती के बिना संपत्ति की जब्ती और वायरटैपिंग – भारत में नागरिक और राजनीतिक विकार की वर्तनी में, साथ ही साथ विदेशी प्रेरित तोड़फोड़, आतंकवाद, उप-शरण और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरों का मुकाबला करना| इस तरह के प्रशासन की पूरी जिम्मेदारी देश की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों को  सौंपी  गई थी |

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मीसा के तहत जेल में पहुंचे लोग 

मीसा  एक्ट के तहत एक लाख से ज्यादा लोगों को  हिरासत में लेकर जेल में डाला गया था और उस दौरान कैदियों से जेल पूरी तरह से भर गई थी, क्योंकि इस क़ानून का सहारा लेकर सुरक्षा के नाम पर लोगों को बहुत अधिक प्रताड़ित किया गया, उनकी संपत्ति  पर कब्जा कर लिया गया था | इस क़ानून के तहत में देश के कई नियमो में बदलाव करके  कानून को और अधिक शख्त बना दिया गया था, जिसके कारण न्यायपालिका में बंदियों की कहीं कोई सुनवाई नहीं की जा रही थी, जिसकी वजह से कुछ कैदी बंदियों को 21 महीने के आपातकाल के दौरान जेल में ही रहना पड़ा |

लालू की बेटी का नाम भी मीसा रखा गया 

मीसा क़ानून के तहत बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव को भी आपातकाल के दौरान जेल में बंद कर दिया गया था | इस बीच साल 1976 में उनकी बेटा जन्म हुआ और उस दौरान मीसा कानून  के चलते उनकी बेटी का नाम भी मीसा भारती  रख दिया गया था |  

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जेटली ने याद किए दिन

मोदी सरकार में मंत्री अरुण जेटली भी मीसा  कानून के तहत जेल में बंद किये जा चुके |  इसलिए उन दिनों को याद करते हुए जेटली ने लिखा, ‘मुझे 26 जून 1975 की सुबह एकमात्र विरोध प्रदर्शन आयोजित करने का गौरव मिला और मैं आपातकाल के खिलाफ पहला सत्याग्रही बन गया. मुझे यह महसूस नहीं हुआ कि मैं 22 साल की उम्र में उन घटनाओं में शामिल हो रहा था जो इतिहास का हिस्सा बनने जा रही थीं. इस घटना ने मेरे जीवन का भविष्य बदल दिया | शाम तक, मैं तिहाड़ जेल में मीसा बंदी के तौर पर बंद कर दिया गया था |’

मीसा कानून के तहत  सबसे पहले गिरफ़्तार किये जाने वाले लोगों की एक पूरी सूची तैयार की गई थी, जिसमें सबसे पहला नाम जयप्रकाश नारायण और मोरारजी देसाई का शामिल किया गया था| इस पूरी सूची को तैयार करने की जिम्मेदारी इंदिरा के छोटे बेटे संजय गांधी को सौंपी गई थी| इन दोनों नेताओं का नाम सामने आते ही  सबसे पहले जेपी और मोरारजी देसाई को मीसा के तहत जेल में बंद कर दिया गया था |  

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जेल में तैयार किया गया विपक्ष का एक चिठ्ठा 

मीसा कानून के तहत जेल में बंद किये गए सभी नेताओं ने मिलकर इंदिरा सरकार को सत्ता से बेदखल करने का एक पूरा चिठ्ठा तैयार कर लिया और इसके बाद जब जेपी से लेकर, चंद्रशेखर, वाजपेयी, जॉर्ज फर्नांडिस, लालू यादव, एलके आडवाणी, शरद यादव  जेल से बाहर  आये, तो इन सभी नेताओं ने सबसे पहले  इंदिरा सरकार को सत्ता से बेदखल कर दिया | इसके बाद फिर मोरारजी देसाई की अगुवाई में जनता पार्टी का गठन  किया गया और 1977 में पहली गैर कांग्रेसी सरकार का गठन भी कर दिया गया | जिसके बाद इंदिरा गांधी रायबरेली से चुनाव हार गईं और कांग्रेस 153 सीटों पर ही पहुंच पाई |  

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