मंत्रिपरिषद विस्तार क्या है | मंत्रिपरिषद और मंत्रिमंडल में अंतर

मंत्रिपरिषद और मंत्रिमंडल के विषय में जानकारी

समय- समय पर केंद्र सरकार और राज्य सरकार कार्य के अनुसार अपने मंत्रियों की संख्या और उनके विभाग में फेर- बदल करती रहती है | इससे प्रशासन को अच्छे ढंग से चलाया जा सकता है | जनता उच्च गुणवत्ता और पारदर्शिता रखने वाली सरकार को अपना मतदान करती है | सरकार भी जनता की इच्छाओं के अनुरूप कार्य करने का पूरा प्रयास करती है | जनता की इच्छाओं पर खरे न उतरने वाले मंत्रियों को उनके पद से हटाया जाता है और उनके स्थान पर योग्य मंत्रियों का चुनाव किया जाता है | इस पेज पर मंत्रिपरिषद विस्तार क्या है, मंत्रिपरिषद और मंत्रिमंडल में अंतर के विषय में जानकारी दी जा रही है |

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मंत्रिपरिषद विस्तार क्या है?

केंद्र सरकार और राज्य सरकार प्रशासन और कार्य के अनुरूप सरकार गठन के समय योग्य व्यक्तियों का चयन करती है | यदि कोई मंत्री अपने कार्य को सही ढंग से करने में अक्षम रहता है, तो उसके स्थान पर दूसरे मंत्री का चयन और मंत्रियों की संख्या में वृद्धि करने को मंत्रिपरिषद का विस्तार कहा जाता है |

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मंत्रिपरिषद और मंत्रिमंडल में अंतर

क्र०सं० मंत्रिपरिषद मंत्रिमंडल
1. मंत्रिपरिषद का आशय तीन श्रेणियों से है कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री एवं उपमंत्री | मंत्रिमंडल में केवल कैबिनेट मंत्री ही शामिल किये जाते है |
2. मंत्रिपरिषद एक साथ बैठक में भाग नहीं लेती है | इसका कोई सामूहिक कार्य निर्धारित नहीं किया जाता है | मंत्रिमंडल एक निकाय के रूप में कार्य करती है | सामान्य रूप से इसकी बैठक सप्ताह में एक बार होती है | इसमें सरकारी कार्यों और इससे सम्बंधित निर्णय लिए जाते है |
3. मंत्रिपरिषद को सैद्धान्तिक रूप से सभी प्रकार की शक्तियां प्रदान की गयी है | मंत्रिमंडल वास्तविक रूप मंत्रिपरिषद की सभी शक्तियों का प्रयोग करती है और सरकारी कार्य की रूप रेखा मंत्रिमंडल के द्वारा ही तय की जाती है |
4. मंत्रिपरिषद के कार्यों का निर्धारण मंत्रिमंडल के द्वारा किया जाता है | मंत्रिमंडल के द्वारा लिए गए राजनैतिक निर्णय सभी मंत्रियों पर लागू किये जाते है | मंत्री निर्णय मानने के लिए बांध्य होते है |
5. मंत्रिपरिषद एक संवैधानिक निकाय है, इसके उल्लेख संविधान के अनुच्छेद 74 तथा 75 में किया गया है | मंत्रिपरिषद की संख्या के विषय में संविधान में वर्णन नहीं किया गया है, यह प्रधान मंत्री अथवा मुख्यमंत्री पर निर्भर करता है | मंत्रिमंडल के विषय को 1978 के 44वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा सम्मिलित किया गया है | इसकी व्याख्या अनुच्छेद 352 में की गयी है |
6. मंत्रिपरिषद में अभी तक प्रचलन के अनुसार 60 से 70 मंत्री होते हैं |

 

मंत्रिमंडल में अभी तक प्रचलन के अनुसार 15 से 20 मंत्री होते हैं |

 

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