भारत के पास कितनी मिसाइल (Missile) है ?

भारत की सबसे शक्तिशाली मिसाइलों की विशेषता (Feature Of India’s Most Powerful Missiles)

डीआरडीओ के द्वारा भारत में मिसाइलों का निर्माण किया जाता है, जो कि भारतीय सेना को शक्तिशाली बनाते है| डीआरडीओ नयी टेक्नोलॉजी पर अनुसन्धान करता रहता है| जिससे शक्तिशाली और सस्ते हथियार का निर्माण किया जा सके| अभी तक डीआरडीओ द्वारा निर्मित मिसाइलें भारतीय थल सेना, वायुसेना और नौसेना में शामिल की गयी है | इन मिसाइलों की सहायता से भारतीय सेना सीमाओं की रक्षा कर रही है, डीआरडीओ द्वारा दी गयी मिसाइलों से दुश्मन देश भयभीत रहते है | इस पेज पर भारत की सबसे शक्तिशाली मिसाइलों के विषय में जानकारी दी जा रही है |

ये भी पढ़ें: भारत और पाकिस्तान के पास कितने परमाणु बम है

ये भी पढ़ें: भारत के पास कितनी पनडुब्बी (Submarine) है ?

भारत के पास मिसाइल (Missile In India)

भारत के वैज्ञानिक प्रतिदिन  नए- नए परीक्षण करते रहते है, जिससे यह सुनिश्चित करना मुश्किल है, कि भारत के पास कुल कितनी मिसाइलें है, यह सुरक्षा कारणों से भी नहीं बताया जा सकता है |

ये भी पढ़ें: भारत के पड़ोसी देश और उनकी राजधानी, मुद्रा

 पृथ्‍वी मिसाइल (Prithvi Missile)

पृथ्‍वी मिसाइल भारत की तीनों सेनाओं को मजबूती प्रदान करती है, यह मिसाइल अलग- अलग वर्जन में बनायीं गयी है |

पृथ्‍वी 1: यह थल सेना के लिये बनायी गई है, इसकी रेंज 150 किलोमीटर है। यह अपने साथ 1000 किलो बारूद ले जाने में सक्षम है। इसे जमीन से हवा में छोड़ा जाता है |

पृथ्‍वी 2: इस मिसाइल का निर्माण विशेष रूप से वायुसेना के लिये किया गया | यह 250 किलोमीटर तक तक अपने लक्ष्य को भेद सकती है | इसमें 500 किलो बारूद के साथ फाइटर प्‍लेन से छोड़ा जा सकता है |

पृथ्‍वी 3: इसकी मारक क्षमता 350 किलोमीटर है | इसको मुख्यतः नौसेना के लिये बनाया गया है | किसी भी लड़ाकू विमान के द्वारा इस मिसाइल का प्रयोग किया जाता है |

ये भी पढ़ें: जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) कौन है पूरी जानकारी

 अग्नि मिसाइल (Agni Missile)

मिसाइलों की क्षमता को बढ़ाते हुए अग्नि मिसाइल का अविष्कार किया गया है | इसके कई वर्जन लांच किये गए |

अग्नि-1: इसकी मारक क्षमता 700 किलोमीटर है | इसमें लिक्विड फ्यूल का  प्रयोग किया जाता है | 28 मार्च 2010 को इसका पहला सफल परीक्षण किया गया | यह मिसाइल परमाणु बम ले जाने में सक्षम है |

अग्नि 2: इसकी मारक क्षमता 3000 किलोमीटर है, इस मिसाइल के द्वारा 1000 किलो का परमाणु बम भेजा जा सकता है |

अग्नि 3: भारतीय सेना के लिए वर्ष 2006 के जुलाई महीने में अग्नि 3 का सफल परीक्षण किया गया | इसकी मारक क्षमता 3000 किलोमीटर तक है, जिसे 4000 किलोमीटर तक बढ़ाया जा सकता है | इसके द्वारा  600 से 1800 किलो तक के परमाणु बम को भेजा सकता है |

अग्नि 4: यह मिसाइल पाकिस्‍तान के किसी भी हिस्से को बर्बाद करने की क्षमता रखती है इसके साथ ही यह आधे चीन को अपना निशाना बना सकती है | इसकी मारक क्षमता 4000 किलोमीटर इसका परीक्षण 2011 में किया गया था | इस मिसाइल को भी परमाणु क्षमता संपन्न बनाया गया है |

अग्नि 5: इस मिसाइल का सफल परीक्षण अप्रैल 2012 में किया गया था | इसकी मारक क्षमता 5500 किलोमीटर है, जिसे 7000 किलोमीटर तक बढ़ाया जा सकता है | इस मिसाइल की जद में पूरा चीन आता है | वर्ष 2015 को इसे भारतीय सेना को सौंप दिया गया |

धनुष मिसाइल (Dhanush Missile)

यह मिसाइल  पृथ्‍वी 3 का परिवर्तन है | इस मिसाइल का निर्माण डीआरडीओ में साल 2000 में किया गया था। पहली बार आईएनएस सुभद्रा से इसका प्रयोग किया गया | इसकी रेंज 250 से 350 किलोमीटर है |

ये भी पढ़ें: क्या है भारत चीन सीमा विवाद ?

 शौर्य मिसाइल (Shaurya Missile)

इसकी रेंज 600 किलोमीटर है | इसमें 1000 किलोग्राम तक परमाणु सामग्री भेजी जा सकती है | मुख्यतः यह भारतीय थल सेना के लिये बनाई गई है |

सागरिका मिसाइल (Sagarika Missile)

सागरिका का अर्थ समुद्र से पैदा होने वाली है | इस मिसाइल को मुख्य रूप से नौसेना के लिए बनाया गया है | इसकी लंबाई 8.5 मीटर है | इस मिसाइल के द्वारा 500 किलो तक बारूद ले जाया जा सकता है | इसका निर्माण 1991 में शुरू किया गया था जो  2001 में बनकर तैयार हुई, इसकी मारक क्षमता 750 किलोमीटर है |

निर्भय मिसाइल (Nirbhay Missile)

यह एक सबसोनिक क्रूज़ मिसाइल है, इसका प्रयोग थल, जल और वायु तीनों सेनाओं के द्वारा किया जा सकता है | इसकी मारक क्षमता 1000  किलोमीटर है |

मोक्षित मिसाइल

इसकी मारक क्षमता 120 किलोमीटर है | मोक्षित मिसाइल की तकनीकी रूस के खरीदी गयी है |

ब्रह्मोस मिसाइल (Brahmos Missile)

यह एक सुपर सोनिक क्रूज मिसाइल है, जिसे डीआरडीओ ने रूस के एनपीओ के साथ मिलकर बनाया है। इसकी मारक क्षमता 290 किलोमीटर है | इसमें 300 किलो तक बारूद का प्रयोग किया जा सकता है | इस मिसाइल को थल सेना और नौसेना के लिये बनाया गया है | इसकी गति 2.5 से 2.8 मैक स्‍पीड है। यह दुनिया की सबसे तेज़ गति से चलने वाली क्रूज़ मिसाइल है | भारत ने वर्ष 2011 तक 110 ब्रह्मोस मिसाइलों का निर्माण कर चुका है |

ये भी पढ़े: सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस की खासियत

 आकाश मिसाइल (Akash Missile)

इस मिसाइल के द्वारा 18 हजार मीटर की ऊंचाई पर 30 किलोमीटर की दूरी पर उड़ते हुए लड़ाकू विमान को निशाना बनाया जा सकता है | यह  परमाणु तकनीकी से संपन्न है | इसके द्वारा एक साथ कई टार्गेट पर निशाना लगाया जा सकता है |

प्रहार मिसाइल (Prahaar Missile)

यह कम रेंज वाली एक शक्तिशाली मिसाइल है, इसकी मारक क्षमता 150  किलोमीटर है | यह मुख्यतः थल सेना और वायुसेना के लिये बनायी गई है | यह 250 सेकेंड में 150 किलोमीटर की दूरी तय कर सकती है |

सूर्या मिसाइल (Surya Missile)

यह मिसाइल निर्माणाधीन है, भारत सरकार ने अभी तक अधिकारिक रूप से इस मिसाइल के बारे में एक भी खुलासा नहीं किया है | यह भारत की पहली इंटरकॉन्टिनेंटल बैलेस्टिक मिसाइल होगी | जिसकी मारक क्षमता 5000 से 10000 किलोमीटर है |

ये भी पढ़े: भारत की राष्ट्रभाषा क्या है ?

 यहाँ पर हमनें आपको भारत की सबसे शक्तिशाली मिसाइलों के विषय में जानकारी उपलब्ध करायी है, यदि इस जानकारी से सम्बन्धित आपके मन में किसी प्रकार का प्रश्न आ रहा है, अथवा इससे सम्बंधित अन्य कोई जानकारी प्राप्त करना चाहते है, तो कमेंट बाक्स के माध्यम से पूँछ सकते है,  हम आपके द्वारा की गयी प्रतिक्रिया और सुझावों का इंतजार कर रहे है |

ये भी पढ़े: भारत का नक्शा किसने बनाया

ये भी पढ़े: भारत के प्रमुख शोध-संस्थान (India’s Major Research Institute)