प्राइमरी का मास्टर (शिक्षक) कैसे बने, सैलरी, योग्यता

प्राइमरी का मास्टर (शिक्षक) बने

किसी भी देश के लिए शिक्षा, उन्नति का मार्ग प्रदर्शित करती है, शिक्षा के महत्व को समझते हुए भारत सरकार ने वर्ष 2010 में शिक्षा का अधिकार लागू किया है , इसके अंतर्गत 6 वर्ष से 14 वर्ष तक के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाती है, भारत में शिक्षा प्रदान करने के लिए इसको प्राथमिक स्तर, उच्च प्राथमिक स्तर, माध्यमिक स्तर, विश्वविद्यालय स्तर में विभाजित किया गया है | यह अधिकार प्राथमिक स्तर, उच्च प्राथमिक स्तर पर लागू होता है, इस पेज पर प्राथमिक या प्राइमरी का मास्टर (शिक्षक) बनने तथा उसका वेतन, योग्यता के विषय में बताया जा रहा है |

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प्राइमरी का मास्टर (शिक्षक) कैसे बने

आपको प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक बनना है, यह निर्णय आपको हाईस्कूल स्तर पर ही कर लेना चाहिए तथा इसके विषय में आपको पहले से ही जानकारी प्राप्त करना शुरू कर देनी होगी | इसकी जानकारी को बढाते हुए हम आपकी सहायता आर्टिकल के माध्यम से कर रहे है |

सबसे पहले आपको हाईस्कूल अच्छे अंकों से उत्तीर्ण करना होगा क्योंकि इसके कोर्स में प्रवेश मेरिट के आधार पर होता है, इसके बाद आपको इंटरमीडियट और स्नातक में भी अच्छे अंक प्राप्त करने होंगे | स्नातक में आपको वही विषयों का चयन करना चाहिए जिनमें आपको रूचि हो | रूचि होने पर आप उस विषय में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का प्रयास अवश्य करेंगे | स्नातक में आपके अंक 50 प्रतिशत होना अनिवार्य है, अन्यथा आप डीएलएड या बीटीसी में प्रवेश नहीं ले पाएंगे |

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डीएलएड या बीटीसी में प्रवेश

प्राथमिक विद्यालय का अध्यापक बनने के लिए सरकार द्वारा डीएलएड या बीटीसी कोर्स का संचालन किया जा रहा है, भविष्य में सरकार इस कोर्स को बदल कर इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (4 वर्षीय आईटीईपी ITEP कोर्स) के नाम से संचालित करने की योजना पर कार्य कर रही है |

अभी तक डीएलएड में प्रवेश हाईस्कूल, इंटरमीडियट तथा स्नातक के अंकों के प्रतिशत को जोड़कर बनायीं गयी मेरिट के आधार पर किया जाता है | इस प्रकार से जिन छात्रों के अंक अच्छे होते है, वह डीएलएड में प्रवेश प्राप्त कर सकते है |

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डीएलएड या बीटीसी का पाठ्यक्रम

डीएलएड या बीटीसी का पाठ्यक्रम इस प्रकार है |

प्रथम सेमस्टर (First Semester)

  • बाल विकास एवं सीखने की प्रक्रिया
  • शिक्षण अधिगम के सिद्धान्त
  • सामाजिक अध्धयन
  • संस्कृत
  • हिंदी
  • गणित
  • विज्ञान
  • कम्प्यूटर
  • कला/संगीत/शारीरिक शिक्षा
  • इंटर्नशिप

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द्वितीय सेमस्टर (Second Semester)

  • वर्तमान भारतीय समाज और प्रारंभिक शिक्षा
  • प्रारंभिक शिक्षा के नवीन प्रयास
  • सामाजिक अध्ययन
  • विज्ञान
  • गणित
  • हिंदी
  • अंग्रेजी
  • समाजोपयोगी उत्पादक कार्य
  • कला/संगीत/शारीरिक शिक्षा
  • इंटर्नशिप

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तृतीय सेमस्टर (Third Semester)

  • शैक्षिक मूल्यांकन, कियात्मक शोध एवं नवाचार
  • समावेशी शिक्षा
  • विज्ञान शिक्षण
  • गणित शिक्षण
  • सामाजिक अध्ययन शिक्षण
  • हिंदी शिक्षण
  • संस्कृत शिक्षण
  • उर्दू शिक्षण
  • कंप्यूटर शिक्षा
  • कला एवं संगीत शिक्षण
  • शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य शिक्षा
  • इंटर्नशिप

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चतुर्थ सेमस्टर (Fourth Semester)

  • आरम्भिक स्तर पर भाषा के पठन/ लेखन एवं गणितीय क्षमता का विकास
  • शैक्षिक प्रबंधन एवं प्रशासन
  • विज्ञान शिक्षण |
  • गणित शिक्षण |
  • सामाजिक अध्ययन शिक्षण |
  • हिंदी शिक्षण |
  • अंग्रेजी शिक्षण |
  • शांति शिक्षा एवं सतत विकास
  • कला एवं संगीत शिक्षण
  • शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य शिक्षा
  • इंटर्नशिप

डीएलएड या बीटीसी के बाद क्या करे ?

आपको अच्छे अंकों से डीएलएड या बीटीसी को उत्तीर्ण करना होगा | इसके बाद प्रति वर्ष राज्य सरकार और केंद्र सरकार के द्वारा टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट का आयोजन किया जाता है, राज्य सरकार द्वारा आयोजित टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट को “राज्य का नाम” TET कहा जाता है, जैसे UPTET और केंद्र सरकार के द्वारा आयोजित टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट को CTET या केंद्रीय टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट कहा जाता है | आप दोनों परीक्षाओं में सम्मिलित हो सकते है, यदि आप राज्य द्वारा आयोजित UPTET को उत्तीर्ण करते है, तो आप राज्य के अंदर ही प्राथमिक अध्यापक के रूप में चयनित हो सकते है, अगर आप CTET या केंद्रीय टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट को उत्तीर्ण करते है, तो आप केंद्र सरकार के विद्यालयों में पूरे भारत में कहीं भी प्राथमिक अध्यापक के रूप में चयनित हो सकते है |

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शिक्षक भर्ती परीक्षा

जब राज्य या केंद्र सरकार में शिक्षकों की कमी होती है, तो उस समय राज्य या केंद्र सरकार द्वारा शिक्षक भर्ती परीक्षा का आयोजन किया जाता है, इस शिक्षक भर्ती परीक्षा में जो अभ्यर्थी उच्च अंक प्राप्त करता है, उसे प्राइमरी का मास्टर या प्राथमिक शिक्षक के रूप में चयनित किया जाता है |

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चयन प्रक्रिया

चयन प्रक्रिया मेरिट के आधार पर की जाती है, इस मेरिट को हाईस्कूल, इंटरमीडियट, स्नातक, डीएलएड या बीटीसी तथा शिक्षक भर्ती परीक्षा के अंकों के प्रतिशत को जोड़ कर बनाया जाता है | मेरिट का यह नियम सरकार के निर्देशानुसार परिवर्तित होता रहता है | यदि आपको अच्छे अंक प्राप्त होंगे तो आप सहायक अध्यापक के रूप में चयनित हो सकते है |

प्राइमरी का मास्टर (शिक्षक) का वेतन

उत्तर प्रदेश परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में सहायक अध्यापक के पद के लिए वेतन 41744 रूपये प्रतिमाह निर्धारित किया है |

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प्राइमरी का मास्टर (शिक्षक) की योग्यता

एक प्राथमिक शिक्षक बनने की योग्यता इस प्रकार है |

स्नातक उत्तीर्ण + डीएलएड या बीटीसी + टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET ) + शिक्षक भर्ती परीक्षा

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यहाँ पर हमनें आपको प्राइमरी का मास्टर (शिक्षक) के विषय में जानकारी उपलब्ध करायी है, यदि इस जानकारी से सम्बन्धित आपके मन में किसी प्रकार का प्रश्न आ रहा है, अथवा इससे सम्बंधित अन्य कोई जानकारी प्राप्त करना चाहते है, तो कमेंट बाक्स के माध्यम से पूँछ सकते है,  हम आपके द्वारा की गयी प्रतिक्रिया और सुझावों का इंतजार कर रहे है |

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