टीचिंग लाइन में कैसे बनाएं करियर

टीचिंग लाइन कैसे ज्वाइन करे

भारत में शिक्षक का पद बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है, जिसके कारण शिक्षकों को अधिक सम्मान प्राप्त होता है, यही कारण है, कि भारत में अधिकांश युवा शिक्षक बनना चाहते हैं,परन्तु शिक्षक बननें के लिए काफी परिश्रम की आवश्यकता होती है, आप एक शिक्षक कैसे बन सकते है, इसके बारें में आपको इस पेज पर विस्तार से बता रहें है |

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टीचिंग में करियर  

यदि आपने एक शिक्षक बननें का लक्ष्य निर्धारित कर लिया है, तो सबसे पहले इस क्षेत्र से सम्बंधित पाठ्यक्रम के बारे में जानकारी प्राप्त करना आवश्यक है, क्योकि सही जानकारी के आधार पर ही हम अपने निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त कर सकते है | शिक्षक बननें के लिए इंटरमीडिएट, ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन स्तर पर अनेक पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं |

  • बीएड (बैचलर ऑफ एजुकेशन)
  • बीटीसी (बेसिक ट्रेनिंग सर्टिफिकेट)
  • एनटीटी (नर्सरी टीचर ट्रेनिंग)
  • बीपीएड (बैचलर इन फिजिकल एजुकेशन)
  • जेबीटी (जूनियर टीचर ट्रेनिंग)
  • डीएड (डिप्लोमा इन एजुकेशन)

उपरोक्त पाठ्यक्रमों के द्वारा आप शिक्षा के क्षेत्र में अपना पहला कदम बढ़ा सकते है, इन पाठ्यक्रमों की सहायता से आप टीचिंग की लाइन पकड़ने में आसानी होगी , और आप अपना करियर टीचिंग में बना पाएंगे |

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शिक्षक बनने हेतु कुछ प्रमुख परीक्षाएं-

आज का युग प्रतिस्पर्धा का युग है, और किसी भी क्षेत्र में प्रवेश के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं से गुजरना पड़ता है,इसी प्रकार शिक्षक बननें के लिए काफी कठिन-कठिन परीक्षाएं देनी पड़ती है,  शिक्षक बनने के लिए शैक्षिक योग्यता के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं में अच्छे अंको से उत्तीर्ण होना आवश्यक है |

1.टीजीटी और पीजीटी

इस परीक्षा का आयोजन राज्य स्टार पर किया जाता है, टीजीटी के लिए स्नातक के साथ-साथ बीएड होना आवश्यक है, और  पीजीटी के लिए स्नातक और बीएड की डिग्री होना आवश्यक होता है | कक्षा छ: से 10वीं कक्षा के छात्रों को पढ़ने के लिए टीजीटी उत्तीर्ण शिक्षक उपयुक्त मने जाते है, जबकि सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी के छात्रों को पढानें के लिए पीजीटी शिक्षकों को उपयुक्त माना जाता है |

2.सीटीईटी (सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट)

राजधानी क्षेत्र दिल्ली के अधीन विद्यालयों के अंतर्गत केंद्रीय विद्यालय, तिब्बती स्कूल और नवोदय विद्यालयों में शिक्षक बनने हेतु इस परीक्षा को उत्तीर्ण करना आवश्यक है, सीबीएसई द्वारा इस परीक्षा का आयोजन किया जाता है, जिसमें अभ्यर्थी को 60 फीसदी अंक लाना अनिवार्य होता है |

3.यूजीसी नेट

विश्वविद्यालय में प्रोफ़ेसर बननें के लिए नेट परीक्षा का आयोजन वर्ष में दो बार किया जाता है, नेट परीक्षा प्रक्रिया के अंतर्गत इसमें तीन पेपर कराये जाते हैं, जिसमे अभ्यर्थी अंग्रेजी, हिंदी में किसी एक माध्यम से परीक्षा में सम्मिलित हो सकता है,  प्रथम प्रश्न पत्र में सामान्य ज्ञान, टीचिंग एप्टीट्यूट, तार्किक और दूसरे तथा तीसरे पेपर में चुने गए विषयों से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं |

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4.नौकरी के क्षेत्र

इन पाठ्यक्रमों से सम्बंधित योग्यता प्राप्त करनें के पश्चात नौकरियों की कमी नहीं रहती है, आपके पास निजी तथा सरकारी दोनों ही क्षेत्रो  में नौकरी का चयन कर सकते हैं, इसके अतिरिक्त अभ्यर्थी स्वयं की कोचिंग या इंस्टिट्यूट का संचालन  कर सकते है  | सरकारी संस्‍थानों के अतिरिक्त कैंडिडेट निजी विद्यालयों और कोचिंग संस्थानों में नौकरी प्राप्ति हेतु आवेदन कर सकते हैं |

दोस्तों, आपको इस आर्टिकल के माध्यम से अवश्य ही आपको शिक्षा के क्षेत्र में प्रवेश हेतु सहायता प्राप्त होगी | यदि आपके मन में करियर से सम्बंधित कोई सवाल है, तो आप कमेंट बॉक्स के माध्यम से अपने सवालों को पूछ सकते हैं |

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PRIYA TRIPATHI
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