आईसीसी विश्व कप (ICC World Cup) क्या है?

आईसीसी विश्व कप की जानकारी (ICC World Cup)

भारत में सबसे अधिक क्रिकेट लोकप्रिय खेल है, इसे हर एक छोटे से मैदान में बच्चों द्वारा खेलते हुए देखा जा सकता है | इस खेल की उत्त्पति इंग्लैण्ड से मानी जाती है | क्रिकेट की लोकप्रियता के कारण ही इसे जिला स्तर से लेकर अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में विभाजित किया गया है, खेल में निपुणता आने के बाद खिलाड़ी को बड़े स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर प्रदान किया जाता है | इस पेज पर ICC World Cup (आईसीसी विश्व कप) क्या है? भारत ने पहला विश्व कप कब जीता के विषय में बताया जाता है |

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ICC World Cup (आईसीसी विश्व कप) क्या है ?

क्रिकेट की अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन करने के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद का गठन किया गया है | यह परिषद सभी प्रकार की क्रिकेट की अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन करती है | इन प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी देशों को इसके द्वारा बनाये गए सभी नियम और शर्तों को मानना अनिवार्य है अन्यथा आईसीसी उन देशों व खिलाड़ी के ऊपर बैन लगा देती है | इस परिषद के द्वारा प्रत्येक चार वर्ष में आईसीसी विश्व कप का आयोजन किया जाता है | वर्ड कप में आईसीसी से मान्यता प्राप्त देश भाग ले सकते है | यह क्रिकेट की सबसे बड़ी प्रतियोगिता है | इसमें जीतने वाली टीम को वर्ड कप की ट्रॉफी और उपहार दिए जाते है |

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इतिहास (History)

15 जून 1909 को इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के प्रतिनिधियों ने लॉर्ड्स के मैदान पर मिलकर एक इंपीरियल क्रिकेट कांफ्रेंस की स्थापना की | 1926 में वेस्टइंडीज, न्यूजीलैंड और भारत को पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल किया गया | 1952 में पाकिस्तान को इसमें शामिल किया गया | 1961 में दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रमंडल छोड़ने के कारण इसकी सदस्यता रद्द कर दी गयी | 1965 में इसका नाम बदलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट सम्मेलन कर दिया गया | इसके नियमों में भी परिवर्तन किया गया अब राष्ट्रमंडल के अतिरिक्त देश भी इसमें शामिल हो सकते थे |

इसका संगठन मजबूत करने के लिए एसोसिएट सदस्यों को भी शामिल किया गया | इस संगठन में पूर्ण सदस्य, फाउंडेशन देश और  एसोसिएट देश को वोट देने का अधिकार दिया गया है | एसोसिएट देश को एक वोट देने का अधिकार दिया गया और पूर्ण सदस्य तथा  फाउंडेशन देश को दो वोट करने का अधिकार दिया गया | फाउंडेशन देश के पास वीटो का अधिकार भी था | 1981 में श्रीलंका को पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल किया गया | 1989 में इसके नाम में फिर परिवर्तन किया गया तब इसका नाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद रखा गया | 1991 में दक्षिण अफ्रीका को पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल किया गया | 1992 में जिम्बाब्वे और 2000 में बांग्लादेश को शामिल किया गया |

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पहला वर्ड कप (first World Cup)

पहला वर्ड कप 7 से 21 जून 1974 को खेला गया था | इस वर्ल्ड कप में पहला मैच भारत और इंग्लैंड के बीच खेला गया था | इस मैच में भारत को हार का सामना करना पड़ा था | पहले वर्डकप में 60 ओवरों का मैच होता था | इस मैच में सुनील गावस्कर ने 36 रन 174 गेंदों में बनाकर नॉटआउट रहे थे | इस वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, भारत, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान, वेस्टइंडीज, श्रीलंका और पूर्वी अफ्रीका की टीमें शामिल थीं | पहले वर्ड कप में वेस्टइंडीज ने जीत दर्ज की थी |

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भारत ने पहला विश्व कप कब जीता

भारत ने पहला विश्व कप 1983 में वेस्टइंडीज को पराजित करके जीता था | वेस्टइंडीज को उस समय सबसे मजबूत टीमों में जाना जाता था और उसे ही 1983 वर्डकप का प्रबल दावेदार माना जा रहा था | उस समय  वेस्टइंडीज की टीम में एंडी रॉबर्ट, मैल्कम मार्शल और माइकल होल्डिंग जैसे बेस्ट प्लेयर थे इनके सामने अच्छे से अच्छा बल्लेबाज अपना प्रदर्शन नहीं कर सकता था |

इसके फाइनल में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 183 रन का स्कोर खड़ा किया जोकि अधिक नहीं था | भारत की तरफ से कृष्णमाचारी श्रीकांत ने सबसे अधिक 38 रन बनाए थे |

भारत के बाद वेस्टइंडीज बल्लेबाजी करने मैदान में उतरी | भारत की ओर से मदनलाल और मोहिंदर अमरनाथ ने तीन-तीन विकेट लिए इससे वेस्टइंडीज की टीम को बहुत बड़ा झटका लगा | इसके बाद बलविंदर संधू ने दो खिलाड़ियों को आउट कर दिया | इस मैच में कपिल देव और रोज बिन्नी ने एक-एक विकेट लेकर वेस्टइंडीज को 140 रन पर आलआउट कर दिया था | भारत ने अपना पहला विश्व कप 43 रन से जीता था |

इस वर्ड कप को जीतने के बाद आईसीसी मीडिया के सामने श्रीकांत ने कहा, ‘‘जब हम 1983 में भारत से रवाना हुए थे तो हमने कभी भी विश्व चैंपियन बनने की उम्मीद नहीं की थी। यहां तक कि मेरा टिकट मुंबई से न्यूयार्क का था और मुझे लंदन में आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप के लिए रुकना था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा इसलिए था क्योंकि पहले दो विश्व कप में हम सिर्फ पूर्वी अफ्रीका को हरा पाए थे, हम श्रीलंका से भी हार गए थे जिसे टेस्ट टीम का दर्जा भी नहीं मिला था।’’

इस वर्ड कप में भारत के कप्तान कपिल देव थे | इनके आत्मविश्वास के कारण ही टीम के सभी खिलाडियों के अंदर आत्मविश्वास और जोश की ललक पैदा हुई जो वर्ड कप जीत में तब्दील हुई |

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