क्रिकेट में करियर कैसे बनाये

क्रिकेट (Cricket)में करियर कैसे बनाये

हमारे देश में क्रिकेट एक प्रसिद्ध खेल है, इस खेल को छोटे बच्चों से लेकर बड़े तक सभी अत्यधिक पसंद करते है, वर्तमान समय में क्रिकेट में रोमांच के साथ-साथ करियर के बेहतरीन अवसरों की संभावनाएं हैं, जिसके कारण अधिकांश युवा वर्ग एक अच्छा क्रिकेटर बनना चाहते है, परन्तु एक अच्छा क्रिकेटर बननें के लिए लगन के साथ-साथ कठिन परिश्रम की आवश्यकता होती है, यदि आप क्रिकेटर बनना चाहते है, तो इसके बारे में आपको इस पेज पर विस्तार से बता रहे है |

ये भी पढ़ें: खेल में करियर कैसे बनाये

क्रिकेटर कैसे बने

एक अच्छा क्रिकेटर बननें के लिए कठिन परिश्रम के साथ-साथ कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना आवश्यक है, जो इस प्रकार है –

क्रिकेटर बननें हेतु आयु सीमा

एक अच्छा क्रिकेटर बननें के लिए उचित आयु 8 वर्ष है,  यदि आपको या आपके बच्चे को क्रिकेटर बनना हैं, तो आपको उन्हें इस आयु से क्रिकेट अकादमी भेजना चाहियें, हमारे देश में विभिन्न एकेडमी हैं, जो 8 वर्ष के बच्चों को प्रवेश देती हैं, परन्तु विभिन्न एकेडमी में आठ वर्ष से 17-18 वर्ष की आयु के बच्चों का प्रवेश लिया जाता हैं |

अकैडमी का चयन

किसी भी एकेडमी में प्रवेश प्राप्त करनें से पूर्व उस एकेडमी से सम्बंधित कोच, रिजल्ट्स तथा डीडीसीए से एफिलिएटेड के बारें में जानकारी प्राप्त कर लेनी चाहिए, एक बार बच्चे नें अच्छी एकेडमी कोच से क्रिकेट के गुण सीखना आरंभ करनें के पश्चात, वह कामयाबी के किस-किस स्टेप से गुजरेगा और कितनी दूर तक जायेगा ?, यह सब बच्चे की मेहनत, लगन पर निर्भर होता है |

ये भी पढ़ें: प्लांट पैथोलॉजी में करियर कैसे बनाये

निरंतर अभ्यास की आवश्यकता

किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त करनें हेतु एक लक्ष्य का निर्धारण किया जाता है, उसी प्रकार एक अच्छा क्रिकेटर बननें के लिए प्रतिदिन अभ्यास करना आवश्यक है, यदि आप बैट्समेन है, तो आप को स्टेप बाय स्टेप शॉट का अभ्यास करना होगा | जब तक आप को एक शॉट परफेक्ट रूप से ना आ जाये, तब तक डबल शॉट सीखने का प्रयास नहीं करना चाहिए | प्रतिदिन फिटनेस पर लगभग दो घंटे का समय दिया जाना चाहिये | यदि आप एक अच्छे बॉलर हो तो बोलिंग पर लगभग तीन घंटे का अभ्यास करना आवश्यक है |

घरेलू टूर्नामेंट्स में सम्मिलित हो

अकैडमी के बाद आगे जानें के लिए बच्चे के पास अनेक विकल्प होते है, उन्हें अवसर प्राप्त होनें पर डीडीसीए और बीसीसीआई के घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंट्स में सम्मिलित होना चाहियें,  इसके लिए विभिन्न स्तर पर चयन होते रहते हैं,  ऐसा पहला अवसर दिल्ली की अंडर-15 टीम के लिए चुना जाना होगा, इसके लिए दिल्ली में डीडीसीए से एफिलिएटेड क्लब या अकैडमी के मध्य टूर्नामेंट्स कराए जाते हैं, उनमें सिलेक्शन पैनल द्वारा एक मानक निर्धारित कर दिया जाता है, जिसमें खिलाड़ी द्वारा निर्धारित रन अथवा विकेट लेनें पर ट्रायल्स के लिए बुलाया जाता है |

बेहतर प्रदर्शन करनें के पश्चात खिलाडी को स्टेट की अंडर-15 टीम में चुना जाएगा, इस स्तर पर सफलता प्राप्त करनें के पर उन्हें  स्कूल लेवल के नैशनल टूर्नामेंट और दूसरे नैशनल टूर्नामेंट खेलनें का अवसर प्राप्त होता है, यह टूर्नामेंट्स नैशनल टीम तक पहुंचनें  के लिए एक माध्यम होते हैं, इन्हीं टूर्नामेंट्स में परफॉर्म करते-करते खिलाड़ी का सिलेक्शन नैशनल लेवल की टीम्स जैसे रणजी, इंडिया अंडर-19, इंडिया ए और सीनियर टीम के लिए होता है ।

ये भी पढ़ें: मल्टीमीडिया डिज़ाइनर के रूप में करियर कैसे बनाये

क्रिकेट में करियर के विकल्प 

क्रिकेट में करियर बनानें के विकल्प इस प्रकार है-

1.बैट्समैन के रूप में  

यदि आप अपना करियर बल्लेबाज़ बनाना चाहतें है, तो यहाँ पर आपके पास दो विकल्प हार्ड हीटर और डिफेंसिव उपलब्ध होते है,  हार्डहिटर बल्लेबाज़ की आईपीएल जैसे टूर्नामेंट में काफी मांग है, परन्तु  इनमें प्रतिस्पर्धा अधिक होती है, और इनका करियर शार्ट होता है, डिफेंसिव बैट्समेन की टेस्ट मैच में काफी मांग होती है, और इनका करियर लंबा चलता है |

2.फ़ास्ट बॉलर के रूप में 

क्रिकेट में फ़ास्ट बॉलर की काफी मांग है, फ़ास्ट बॉलर का करियर अधिक समय तक नहीं होता है, बड़े बड़े फ़ास्ट बॉलर सात या आठ वर्ष में गायब हो जातें है, फ़ास्ट बॉलर लगातार तेज गेंदबाज़ी नहीं कर सकता, शुरुआत में रफ़्तार अच्छी रहती है, परन्तु बाद में गति कम हो जाती है, मीडियम पेस बॉलर अगर आप को बनना है तो साथ में आप को बल्लेबाज़ी भी आनी चाहिए, क्योंकि सिर्फ मीडियम पेस बॉलर की कोई वैल्यू नहीं होती है |

3.स्पिनर के रूप में 

क्रिकेट में स्पिनर की मांग अधिक होती है, यदि आप राइट हैंडेड है, तो आपको ओफ् स्पिनर बनना चाहिए, और लेफ्ट हैंडेड हो तो लेग स्पिनर के साथ में बल्ले बाज़ी की भी प्रैक्टिस प्रतिदिन करनी चाहिए,  क्योंकि ऑल राउंडर बननें पर आपके  सिलेक्शन का चांस बढ़ जाता है,और अच्छे स्पिनर को आईपीएल टेस्ट एवं वन डे मैच में सिलेक्शन का अवसर प्राप्त होता है |

4.विकेटकीपर एवं बल्लेबाज़ के रूप में 

विकेटकीपर और बल्लेबाज़ बन कर आप अपना क्रिकेटर का करियर आरंभ कर सकतें है, परन्तु इसमें एकाग्रता की अधिक आवश्यकता होती है |

यहाँ आपको हमनें क्रिकेटर बननें के बारें में बताया, यदि इस जानकारी से सम्बन्धित आपके मन में किसी प्रकार का प्रश्न आ रहा है, अथवा इससे सम्बंधित अन्य कोई जानकारी प्राप्त करना चाहते है, तो कमेंट बाक्स के माध्यम से पूँछ सकते है, हम आपके द्वारा की गयी प्रतिक्रिया और सुझावों का इंतजार कर रहें है |

हमारें पोर्टल kaiseinhindi.com के माध्यम से आप इस तरह की और भी जानकरियाँ प्राप्त कर सकते है | हमारे पोर्टल पर आपको करंट अफेयर्स, डेली न्यूज़,आर्टिकल तथा प्रतियोगी परीक्षाओं से सम्बंधित लेटेस्ट जानकारी प्राप्त कर सकते है, यदि आपको यह जानकारी पसंद आयी हो, तो हमारे facebook पेज को जरूर Like करें, तथा पोर्टल को सब्सक्राइब करना ना भूले |

ये भी पढ़ें: विज्ञापन के क्षेत्र में करियर कैसे बनाये