वोटों की गिनती कैसे होती है?

वोटों की गिनती और मतगणना के नियम 

देश में पहले बैलेट पेपर पर चुनाव होते थे, लेकिन अब इलेक्‍ट्रॉनिक वोटिंग मशीन से मतदान किया जाता है। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन आने के बाद मतगणना के लिए सामान्यत: एक दिन का समय रखा जाता है। मतगणना निरंतर जारी रहती है, तथा इसके लिए विशिष्ट मतगणना केंद्र तय किए जाते हैं, जिसमें मतदान केंद्रों के समान ही अनाधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश वर्जित रहता है। वर्तमान में निर्वाचन क्षेत्रानुसार मतगणना की जाती है | हमारे और आपके मन में हमेशा यह बात चलती रहती है, कि चुनावों के बाद लाखों वोटों की गिनती कैसे होती है ? ऐसे में आइए जानते हैं, कि ईवीएम से वोटों की गिनती कैसे होती है, और इसके क्या नियम होते है ?

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ऐसे होती है मतपत्रो की गिनती (Counting Of Votes)

वोटों की गिनती के लिए मतगणना स्थल पहले से ही निर्धारित होते है । मतगणना 8 बजे से शुरू हो जाती है। सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती होती है। इसके आधे घंटे बाद ही ईवीएम के वोटों की गिनती शुरू होती है। मत पत्रों की गिनती के लिए प्रत्येक  निर्वाचन क्षेत्र के हर काउंटिंग हॉल में 14-14 टेबल लगाई जाती हैं। एक टेबल पर एक बूथ की ईवीएम मशीन रखी जाती है, इसके लिये चार्ट पहले से ही तैयार कर लिया जाता है। ईवीएम लाने के बाद पहले वहां उपस्थित विभिन्न पार्टियों के उम्मीदवारों के काउंटिंग एजेंट को मशीन पर लगी सील दिखाई जाती है।

सभी की सहमति के बाद ईवीएम मशीन की सील तोड़ी जाती है, इसके बाद रिजल्ट वन बटन दबाया जाता है। इससे किस प्रत्याशी को कितनें मत प्राप्त हुए है, उनके नाम के सामनें अंकित हो जाता है| इसे प्रत्याशियों के एजेंट और काउंटिंग में लगे कर्मचारी सभी ठीक से देखते है|  यही प्रक्रिया सभी 14 टेबल पर की जाती है|

इसके बाद सभी 14 टेबल का परिणाम हॉल के प्रभारी और संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर अर्थात एआरओ को भेजा जाता है। एआरओ सभी प्रत्याशियों को मिले वोट को जोड़ कर एक राउंड का रिजल्ट तैयार कर उपायुक्त या जिलाधिकारी के पास भेजते हैं। सभी निर्वाचन क्षेत्रों से सभी राउंड्स का रिजल्ट आरओ के चेंबर में ही फाइनल होता है, इसके  पश्चात प्रत्येक राउंड के परिणाम बताया जाता है। सबसे अहम् बात यह है, कि इस पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जाती है।

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मतपत्रो की गिनती प्रक्रिया (Counting Process)

सील की जांच (Sealing Inquiry)

मतपत्रो की गिनती से पूर्व चुनाव अधिकारी ईवीएम को कैरी करने वाले केस और ईवीएम पर लगी कागज की मुहर की जांच की जाती है, और अधिकारी गण यह सुनिश्चित कर लेते है, कि ईवीएम से कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है, तब वोटों की गिनती की प्रक्रिया आरंभ होती है।

सबसे पहले पोस्टल बैलट की गिनती (Postal Ballot Counting)

मतपत्रो की गिनती के लिए मतगणना स्थल पहले से ही निर्धारित होता है। मतगणना 8 बजे से शुरू हो जाती है, और सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती होती है। इसके आधे घंटे बाद ही ईवीएम के वोटों की गिनती शुरू होती है।

मशीन में अंकित वोटों की गिनती (Counting Votes In Machine)

ईवीएम मशीन में दर्ज मतपत्रो की के लिए मतगणना कर्मी सबसे पहले ईवीएम को ऑन करता है। इसके बाद वह रिजल्ट बटन को दबाता है, इससे यह ज्ञात होता है, कि किस प्रत्याशी के पक्ष में कितने मत प्राप्त हुए है ।

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मशीन में दिखी सूचना को लिखना (Writing Information In The Machine)

ईवीएम मशीन के रिजल्ट बटन को दबाने पर जो संख्या दिखाई देती है, उसे फॉर्म नंबर 17-सी में अंकित करना होता है। इस फॉर्म पर उम्मीदवारों के एजेंट हस्ताक्षर कर फॉर्म नंबर 17-सी को रिटर्निंग ऑफिसर को सौंप दिया जाता है।

सभी 14 टेबल से 17-सी फॉर्म होते हैं एकत्र (Collection Of 17C Form)

मतगणना क्षेत्र में लगीं सभी 14 टेबल पर उपस्थित मतगणना कर्मी प्रत्येक राउंड में फॉर्म 17-सी भरकर एजेंट से हस्ताक्षर करवा कर रिटर्निंग अफसर के पास रखते जाते हैं। इसके बाद रिटर्निंग अफसर हर राउंड में मतों की गिनती दर्ज करता जाता है। इस नतीजे को हर राउंड के बाद ब्लैक बोर्ड पर दर्ज किया जाता है और लॉउडस्पीकर की मदद से उसकी घोषणा की जाती है।

राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को संख्या की जानकारी देना (Information)

प्रत्येक राउंड के बाद प्राप्त नतीजो के बारे मे राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सूचना दी जाती है। यह सिलसिला मतगणना समाप्त होने के बाद तक चलता रहता है।

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स्ट्रॉन्ग रूम से आती है ईवीएम (EVM Comes From Strong Room)

मतगणना केंद्र पर लगी मेज पर ईवीएम को स्ट्रॉन्ग रूम से सुरक्षा के व्यवस्थित बेहद सुरक्षित रास्ते से लाया जाता है। रास्ते के दोनों ओर बैरिकेड लगे होते हैं। प्रत्येक टेबल पर अफसर और पोलिंग एजेंट निगरानी के लिए उपस्थित रहते है, इसके अतिरिक्त हर प्रत्याशी का एक पोलिंग एजेंट भी हर मेज पर उपस्थित रहता है।

एक बार में खोली जाती हैं 14 ईवीएम (14 EVMs Open At A Time)

एक मतगणना क्षेत्र में अलग-अलग टेबल पर एक बार में 14 ईवीएम खोली जाती हैं। एक राउंड में 14 ईवीएम में मौजूद वोटों की गिनती की जाती है।

एजेंट और ईवीएम को अलग करती है तारों की बाड़

मतपत्रो की गिनती में लगे सरकारी कर्मचारियों और वहां उपस्थित उम्मीदवारों के एजेंटों के बीच तारों की बाड़ लगी होती है, ताकि कोई भी एजेंट ईवीएम से किसी प्रकार की छेड़छाड़ न कर सकें।

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