स्टार देखकर कैसे पहचाने क्या है आर्मी ऑफिसर के रैंक

स्टार देखकर पहचाने आर्मी ऑफिसर के रैंक

भारतीय सेना देश की सुरक्षा के लिए सदेव तत्पर रहती है | भारतीय सेना में अलग-अलग रैंक के अधिकारी कार्य करते हैं । भारतीय सेना में भी पद के अनुसार सभी सैन्यकर्मियों की एक अलग पहचान होती है, परन्तु सभी के लिए यह आसान नही है, कि एक जवान की वर्दी देखकर पहचान ले, कि आर्मी में किस पद पर तैनात है । आईए आज हम आपको इस पेज पर बताते है, कि भारतीय सेना में पद और रैंक की पहचान उनके कंधे पर लगे स्टार से कैसे कर सकते है ?

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आर्मी ऑफिसर के रैंक और पहचान

  • कंपनी क्‍वाटर मास्‍टर हवलदार – कंपनी क्‍वाटर मास्‍टर हवलदार की वर्दी की भुजाओं पर बनें हुए बिल्‍ले में तीन सफेद पट्टियां के साथ ही अशोका लायन एम्‍बल्‍म भी बना होता है
  • हवलदार- इनकी वर्दी की भुजाओं पर लगे हुए बिल्‍ले में सिर्फ तीन सफेद पट्टियां बनी होती हैं
  • नायक- इनके भुजाओं पर लगे हुए बिल्‍ले में दो सफेद रंग की पट्टियां बनी होती हैं, इनका शॉर्ट फॉर्म NK होता है
  • लांस नायक- इनके भुजाओं पर लगे हुए बिल्‍ले में सिर्फ एक सफेद रंग की पट्टी बना होती है
  • सिपाही- इनकी वर्दी पर कोई बिल्‍ला नहीं लगा होता है, इनको सिपाही के साथ-साथ गनर, राइफलमैन या सैपर भी कहते हैं

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कैटेगरी के अनुसार रैंक

भारतीय सेना में प्रत्येक जवान के लिए हर कैटेगरी में अलग-अलग रैंक होती है, भारतीय सेना में जवानों के लिए चार कैटेगरी हैं जो इस प्रकार हैं-

  • सेरेमोनियल रैंक
  • कमीशंड ऑफिसर
  • जूनियर कमीशंड ऑफिसर (JCOs)
  • नॉन कमीशंड ऑफिसर (NCOs)

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विवरण

फील्ड  मार्शल

यह सेरेमोनियल रैंक कहलाती है, भारत में एक भी फील्ड मार्शल आर्मी में नहीं हैं। भूतवूर्व में यह रैंक अब तक सिर्फ फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ की और फील्ड मार्शल कोडंडेरा मडप्पा करिअप्पा को ही दी गई है । फील्‍ड मार्शल का रैंक आजीवन के लिए होता है | रिटायरमेंट से इसका कोई मतलब नहीं होता है, अर्थात मृत्‍यु होने तक व्‍यक्ति इसी पद पर बना रहता है | इस पद को प्राप्त करनें वाले लोग पेंशन नहीं लेते क्‍योंकि जीवित रहने तक उन्‍हें पूरा वेतन प्राप्त होता है | इनकी वर्दी के कंधे और कॉलर पर  हरा रंग का बिल्‍ला होता है, जिसपर नेशनल एमब्‍लम और दो तलवारे बनीं होती हैं ।

फील्ड  मार्शल की वर्दी पर ये पांच स्टार वाला लाल रंग का बिल्‍ला होता है । यह सितारे गोल्‍डन कलर के होते हैं ।

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कमीशंड ऑफिसर

कमीशंड ऑफिसर में 9 रैंक होती हैं, जो इस प्रकार है –

  • जनरल
  • लेफ्टिनेंट जनरल
  • मेजर जनरल
  • ब्रिगेडियर
  • कर्नल
  • कैप्‍टन
  • लेफ्टिनेंट ऑफिसर

जनरल

जनरल की वर्दी के कंधो के साथ-साथ जनरल के कॉलर पर भी एक बिल्‍ला बना होता है । कॉलर पर क्रिमसन पैच होता है, जिस पर चार गोल्‍डन सितारें बने होते हैं । इनकी वर्दी के कंधो पर गहरे हरा रंग का बिल्‍ला होता है, जिसमें नेशनल एम्‍बल्‍म एक सितारा और मयान के साथ तलवार बनी होती है ।

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लेफ्टिनेंट जनरल

इस कैटेगरी के ऑफिसर के नाम के आगे Lt. Gen लिखा जाता है। इनकी वर्दी के कंधो पर गहरे हरे रंग का बिल्‍ला होता है जिस पर नेशनल एम्‍बल्‍म और मयान के साथ तलवार बनी होती है । इनकी वर्दी के कॉलर पर लाल रंग का बिल्‍ला होता है जिस पर तीन गोल्‍डन स्‍टार बने होते हैं ।

मेजर जनरल

इस कैटेगरी के ऑफिसर के नाम के आगे Maj. Gen लगा होता है । इनकी वर्दी के कंधो पर गहरे हरा रंग का बिल्‍ला होता है जिस पर सिर्फ एक सितारा बना होता है और  मयान के साथ तलवार बनी होती है । इनकी वर्दी के कॉलर पर भी लाल रंग का बिल्‍ला होता है जिसपर दो गोल्‍डन स्‍टार बने होते हैं ।

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ब्रिगेडियर

इस कैटेगरी के ऑफिसर अपने नाम के आगे Brig लगाते हैं । इनकी वर्दी के कंधो पर भी गहरे हरे रंग का बिल्‍ला होता है, जिस पर ट्रायंगल अरेंज्‍मेंट में तीन सितारें बने होते हैं और नेशनल एम्‍बल्‍म भी बना होता है । इनकी वर्दी के कॉलर पर भी लाल रंग का बिल्ला होता है, जिसमें  सिर्फ एक गोल्‍डन कलर का स्टार बना होता है ।

कर्नल

इस कैटेगरी के ऑफिसर के नाम के आगे Col लगा होता है, इनकी वर्दी के कंधो पर गहरे हरे रंग का बिल्‍ला होता है, जिस पर गोल्‍डन रंग के दो सितारें और नेशनल एम्‍बल्‍म बना होता है । इनकी वर्दी के कॉलर पर लाल रंग का बिल्ला होता है, जिस पर गोल्‍डन रंग की पत्‍तियां बनी होती हैं ।

लेफ्टिनेंट कर्नल

इन ऑफिसर की वर्दी के कंधों पर ही गहरे हरे रंग का बिल्‍ला लगा होता है । जिस पर एक पांच प्‍वॉइंटेड सितारा और नेशनल एम्‍बल्‍म बना होता है । इनकी वर्दी के कंधो पर गहरे रंग का बिल्‍ला होता है, जिसपर नेशनल एम्‍बल्‍म बना होता है ।

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कैप्‍टन

इनकी वर्दी पर कंधो पर गहरे हरे रंग का बिल्‍ला लगा होता है, जिस पर तीन पांच प्‍वॉइंटेड सितारें बने होते हैं । सभी कैप्‍टन अपने नाम के आगे Capt लगाते हैं |

लेफ्टिनेंट

इनकी वर्दी के कंधो पर गहरे हरे रंग का बिल्‍ला लगा होता है, जिस पर दो पांच प्‍वॉइंटेड सितारें बने होते हैं । इनके नाम के आगे Lt लगा होता है ।

जूनियर कमीशंड ऑफिसर(JCOs)

जूनियर कमीशंड ऑफिसर(JCOs) में सुबेदार मेजर, सूबेदार और नायब सूबेदार आते हैं ।

सुबेदार मेजर

सूबेदार मेजर ऑफिसर की वर्दी के कंधो पर गहरे हरे रंग का बिल्‍ला बना होता है, जिस पर लाल एवं गोल्‍डन रंग की लाइन बना होती है और नेशनल एम्‍बल्‍म बना होता है ।

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सूबेदार

इनकी वर्दी के कंधो पर गहरे हरे रंग का बिल्‍ला बना होता है, जिस पर लाल एवं गोल्‍डन रंग की लाइन बना होती है और दो गोल्‍डन स्‍टार बने होते हैं । इस कैटेगरी के ऑफिसर के नाम के आगे Sub लगा होता है ।

नायब सूबेदार

इनकी वर्दी के कंधो पर गहरे हरे रंग का बिल्‍ला बना होता है, जिस पर लाल एवं गोल्‍डन रंग की लाइन बना होती है और सिर्फ एक गोल्‍डन स्‍टार बना होता है । इस कैटेगरी के ऑफिसर के नाम के आगे Nb.Sub लगा होता है ।

नॉन कमीशंड ऑफिसर(NCOs)

नॉन कमीशंड ऑफिसर(NCOs) में रेजीमेंटल हवलदार मेजर, रेजीमेंटल क्‍वाटर मास्‍टर हवलदार, कंपनी क्‍वाटर मास्‍टर हवलदार, हवलदार, नायक, लांस नायक और सिपाही आते हैं। इस रैंक के ऑफिसर की वर्दी के भुजाओं पर गहरे रंग का बिल्‍ला होता है इस बिल्‍ले पर अशोका लायन एम्‍बल्‍म बना होता है और अशोका चक्र भी बना होता है । इस रैंक के ऑफिसर की वर्दी के भुजाओं पर भी गहरे रंग का बिल्‍ला होता है जिस पर सिर्फ अशोका लायन एम्‍बल्‍म बना होता है ।

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