अजीत डोभाल (Ajit Doval) कौन है ?

अजीत डोभाल से सम्बंधित जानकारी (Information About Ajit Doval)

अजीत डोभाल एक सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी है | सेवानिवृत्त होने के बाद इन्हें भारत के पांचवे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया | इससे पहले शिवशंकर मेनन भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार थे | अजीत डोभाल पाकिस्तान के लाहौर में अपने भारत की रक्षा के लिए 7 साल तक मुस्लिम बनकर रह चुके है | वह भारत के ऐसे एकमात्र नागरिक हैं, जिन्हें सैन्य सम्मान कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है | इस पेज पर अजीत डोभाल के जीवन परिचय के विषय में विस्तार से बताया जा रहा है |

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जीवन परिचय (Biography)

अजीत डोभाल का जन्म वर्ष 1945 में उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल नामक स्थान पर एक गढ़वाली परिवार में हुआ था | इन्होंने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा अजमेर के मिलिट्री स्कूल से पूरी की थी, प्रारम्भिक शिक्षा के बाद आगे की पढ़ाई आगरा विश्व विद्यालय से की थी यहाँ से इन्होंने अर्थशास्त्र में एम.ए. किया और पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद वह आईपीएस की तैयारी करने लगे,  इनकी तैयारी रंग लायी और इनका चयन आईपीएस के पद पर हो गया | इन्हें केरल कैडर से 1968 में आईपीएस के लिए चुना गया |

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करियर (Career)

  • अजीत डोभाल ने अपने करियर की शुरुआत एक आईपीएस के रूप में आरंभ की, इन्हें सबसे पहले केरल में भेजा गया | इस समय वह पंजाब और मिजोरम में हुये उग्रवाद विरोधी आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल थे | मिजोरम राज्य में इन्होंने जीत जी मिज़ो नेशनल फ्रंट को शक्तिहीन कर दिया, जिससे वहां पर शांति संभव हो सकी
  • वर्ष 1999 में कंधार हाईजेकिंग में वह तीन भारतीय अधिकारियों में शामिल थे, जिन्होंने भारत की तरफ से बात की थी | इसमें भारत को तीन आतंकवादियों को छोड़ना पड़ा था, इन्हें 1971 से 1999 तक हुई सभी 15 हाईजेकिंग में शामिल होने का अनुभव प्राप्त है
  • अजीत डोभाल जी ने एक दशक तक आईबी के संचालन विंग का नेतृत्व किया है, इसके अतिरिक्त वह मल्टी एजेंसी सेंटर (एमएसी) और ज्वाइन टास्क फोर्स ऑन इंटेलिजेंसी के संस्थापक अध्यक्ष थे
  • इन्हें भारत के तीसरे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एम. के. नारायणन के द्वारा आतंक निरोधी कार्यो के लिए ट्रेनिंग दी गयी है
  • पंजाब राज्य में हुए रोमानियों के रेसक्यू ऑपरेशन में इनकी अहम भूमिका थी | वर्ष 1988 में ऑपरेशन ब्लैक थंडर के पहले इन्होने स्वर्ण मंदिर में प्रवेश कर महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त की थी
  • वर्ष 2014 में अजीत जी को भारत के पांचवे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया
  • अजीत जी ने वर्ष 2014 में इराक में फसी हुई 46 भारतीय नर्सों की रिहाई में महवपूर्ण भूमिका निभाई थी | इसके लिए वह स्वयं इराक गए और गुप्त मिशन पर कार्य किया
  • म्यांमार की सीमा के अंदर आतंकवादियों के विरुद्ध अभियान में भी इन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी इसमें 50 आतंकवादियों को मारा गया था
  • अजीत डोभाल ने करियर में ज्यादातर समय खुफिया विभाग में ही काम किया है, गुप्त सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह सात साल तक पाकिस्तान में खुफिया जासूस बन कर रह चुके है
  • अजीत डोभाल ने भारतीय सुरक्षा नीतियों में बड़े स्तर पर बदलाव किया, जिसके फलस्वरूप वर्ष 2016 में उरी हमले का जवाब सर्जिकल स्ट्राइक के रूप में दिया गया
  • 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में हुए आत्मघाती हमले में भारत के लगभग 42 जवान शहीद हो गए जिसका जवाब भारत ने एयर स्ट्राइक करके दिया | इसमें भी मुख्य भूमिका अजीत डोभाल जी की थी | पाकिस्तान द्वारा की गयी जवाबी कार्यवाही को निष्फल करने में इन्होंने तीनो सेना प्रमुखों के साथ मिलकर कमान संभाली हुई है

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