किताब पढ़नें के ये हैं 8 ज़बरदस्त फायदे

किताब पढ़नें के ज़बरदस्त फायदे

आज के आधुनिक युग में पुस्तक का स्वरुप ही बदल गया, अब पुस्तक पढ़नें के लिए हमें किताब ढूढ़नें की आवश्यकता नहीं होती हैं, पुस्तकों को डिजिटल कर दिया गया हैं, अब आप कहीं भी रहकर अपनी अध्ययन सामग्री को पढ़ सकते है, इसलिए अब हमें भारी-भारी पुस्तकों को लानें ले जानें से का कार्य नहीं करना पढता है, अब आप फोन या कम्प्यूटर पर अपनी पुस्तक आराम से पढ़ सकते हैं, पुस्तक पढ़ना हर एक व्यक्ति का शौक नहीं होता है, परन्तु इसके विपरीत कुछ लोगो को जिन्‍हें किताब का एक पन्‍ना पढ़े बिना नींद ही नहीं आती। किताब पढ़ना एक नशे के समान होता है। यदि आप पुस्तक पढ़नें के फायदे के विषय में जान जायेंगे तो निश्चित ही आप पुस्तक पढ़ना शुरू कर देंगे, आज हम आपको पुस्तक पढ़नें के 8 ज़बरदस्त फायदे बतानें जा रहे है |

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 पुस्तक पढ़नें से एकाग्रता में विस्तार

पुस्तक पढ़नें से हमारे मस्तिष्क में किसी विषय के प्रति अधिक समय तक एकाग्रता बनी रहती है, हमारा ध्यान केवल एक बिंदु पर केंद्रित रहता, जिससे हमारा कार्य बहुत ही आसानी से एक बार में ही बिल्कुल सही हो जाता, हमको अत्यधिक मेंहनत नहीं करनी पढ़ती है, आज के समय में हमको एक साथ कई कार्य करनें होते है, कही जाते हुए कोई परिचित से बात करना और बात करते समय अपनें फ़ोन को चेक करना, टीवी देखते हुए भोजन करना इत्यादि, इस प्रकार के कार्य एक साथ करनें से हमारी एकाग्रता में कमी होती जाती है, जिससे हमारे कार्य में गलतियां होनें की सम्भावना अधिक हो जाती है और कार्य की गुणवत्ता कम हो जाती है, अब यदि पुस्तक पढ़नें की आदत बना ले, तो पुस्तक पढ़ते समय हमारा मस्तिष्क कुछ दूसरा नहीं सोंच पाता है और धीरे- धीरे हमारी एकाग्रता में वृद्धि होती जाती है, जिससे काफी हद तक हमारी समस्याओं का समाधान हो जाता है |

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मस्तिष्क सक्रियता

पुस्तक पढ़नें से हमारे मस्तिष्क का व्यायाम होता है, जिससे वह बहुत ही सक्रिय हो जाता है, पुस्तक पढ़नें से हम किसी भी निर्णय को बहुत ही जल्दी ले पाते है, मस्तिष्क के व्यायाम के कारण वह स्वस्थ रहता हैं जिसका असर प्रभावी रूप से हमारी कार्य शैली पर पड़ेगा और हमें जल्दी सफलता प्राप्त होगी |

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मानसिक तनाव में कमी

पुस्तक पढ़नें से हमें तनाव में कमी महसूस होती है और हम अपनें आपको रिलैक्स प्राप्त करते है, जब हमें किसी बात का तनाव होता है, तो हम उसकी वजह से कोई भी कार्य सही से नहीं कर पाते है, जो कार्य हमें अच्छी तरह से आता है, हमसे उस में भी गलती हो जाती है, अत्यधिक तनाव से कभी- कभी ब्रेन हैमरेज भी हो जाता है, पुस्तक पढ़नें से हमारा ध्यान कुछ समय के लिए उस बात पर नहीं जाता है  इसलिए पुस्तक पढ़नें से हमें टेंशन कम होती है |

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याददाश्त की क्षमता में वृद्धि

जब आप पुस्तक पढ़ते है, तो आपके मस्तिष्क में उस लेख से सम्बंधित सभी बिंदुओं की याद बनी रहती और प्रति दिन पढ़नें से इसमें वृद्धि होती है, जब हम कोई पुस्तक पढ़ते है और थोड़ी देर के बात हमें लगता है की हमनें जो पढ़ा था वह याद नहीं है, उसको याद करनें के लिए हमें अपनें दिमाग पर बहुत दबाव डालना पड़ता है, कुछ दिन के बाद फिर हम वही किताब पढ़ते है तो हमें सब याद आनें लगता है, अब हमको वह लेख कुछ दिन तक आसानी से याद रहता है, इस बात का तात्पर्य है की जो भी हम पढ़ते है वह हमारे दिमाग में कही सेव हो जाता है, परन्तु समय पर हमारा मस्तिष्क उसको खोज नहीं पाता है और हम चीजे भूलनें लगते है, यदि हम प्रति दिन पढ़ेगे तो हमारे मस्तिष्क की खोजनें की क्षमता में वृद्धि होगी और हमें अधिक समय तक याद रहता है, यादश्त में वृद्धि का मतलब मस्तिष्क की खोजनें की क्षमता में वृद्धि करना है |

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बोलनें और लिखनें में विकास

पुस्तकों को प्रति दिन पढ़नें से हमारे अंदर शब्द भण्डारण में लगातार वृद्धि होती रहती है, पढ़ते समय हमें प्रति दिन नए- नए शब्द मिलते है, जिनका प्रयोग आप लिखनें और बोलनें में करते है इससे आप के लिखनें और बोलनें की कला का विकास होता है, इससे आप को किसी से समूह चर्चा में अत्यधिक लाभ मिलता है |

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विचार करनें की शक्ति में वृद्धि

प्रति दिन पुस्तक पढ़नें से हमको किसी भी विषय पर विचार करनें में सहायता मिलती है, लेख पड़ते समय हमें ऐसे घटनाक्रम मिलते है जिनको हमें पहले से अंदाजा लग जाता है या फिर लगानें का प्रयास करते है, कि अब क्या हो सकता है, इस प्रक्रिया से आपकी क्रिटिकल थिंकिंग और ऐनालिटिकल स्किल्स बढ़ती है, इसका प्रयोग आप किसी दूसरे क्षेत्र में कर सकते है |

अच्छी नींद में सहायता

पुस्तक पढ़नें के बाद हमें नींद अच्छी आती है, जिससे हमारा स्वास्थ्य अच्छा रहता है, सोनें के एक घण्टे पहले हमें टेलीविजन या मोबाईल नहीं चलाना चाहिए, इनको चलानें से हमारा दिमाग शांत नहीं हो पाता है, जिसके कारण हमें अच्छी नींद नहीं आती है, इसके विपरीत यदि आपको नींद नहीं आ रही तब भी आप किसी पुस्तक का अध्ययन कर सकते है, जिसके कुछ देर के बाद आपको नींद आनें लगेगी |

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प्रेरणा प्राप्त होना

इंग्लैंड में की गई एक स्टडी अनुसार ,60 प्रतिशत प्रतिभागियों का मानना था कि, ‘पढ़नें से उनके जीवन में कुछ बेहतर करनें के लिए प्रभाव पड़ा है’, इसलिए हमें सदैव प्रेरणा दायक पुस्तकों का अध्ययन करना चाहिए, इन पुस्तकों के माध्यम से हम बहुत कुछ सीख सकते है, जो हमारे दैनिक जीवन में बदलाव का कारण बनता है |

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