वैज्ञानिक खेती (Scientific Agriculture) क्या है

वैज्ञानिक खेती किसे कहते है 

कुछ वर्षों पहले भारत में कृषि आधुनिक नहीं थी, जिसके कारण उत्पादन की मात्र काफी कम होती थी, अर्थात यह उत्पादन भारत की जनसंख्या के अनुसार पर्याप्त नहीं था, इसलिए भारत नें वैज्ञानिक खेती करने का निश्चय किया, जिससे भारत में खाद्यान्न की कमी पूर्ण की जा सके | वैज्ञानिक खेती में कृषि उत्पादकता को बढ़ाने तथा बनाये  रखने के लिए कृषि वैज्ञानिकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, वैज्ञानिक खेती क्या है, विभिन्न प्रकार की फसलों के लिए वैज्ञानिक खेती कैसे करे ? इसके बारें में आपको इस पेज पर जानकारी प्रदान कर रहे है |

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वैज्ञानिक खेती क्या है  

किसी भी फसल में उत्पादकता बढ़ाने के लिए उस फसल की खेती वैज्ञानिकों के दिशा-निर्देशों के अनुसार की जाती है, जिसके अंतर्गत भूमि की जाँच की जाती है और उस भूमि में जिन आवश्यक तत्वों की कमी होती है, उसे पूर्ण करने के लिए रसायन उर्वरकों का प्रयोग किया जाता है, यहाँ पर इस बात का विशेष ध्यान देना होता है, की रसायन उर्वरकों की सही मात्रा का प्रयोग किया जाये, यदि अधिक प्रयोग किया जाता है, तो फसल को हानि पहुँच सकती है, यदि कम प्रयोग किया जाता है, तो फसल कम होती है |

वैज्ञानिक खेती के अंतर्गत वैज्ञानिकों द्वारा कई वर्षों की मेहनत के फलस्वरूप फसल की खेती करने की विधि में सुधार किया जाता है, इस सुधार के माध्यम से नए बीज की प्रजाति का विकास किया जाता है, जो कम समय और कम पानी की सहायता से अधिक उत्पादन कर सके |

बीज की प्रजाति विकसित करने के बाद उसके बोने की विधि, आवश्यक पानी की मात्रा और उस बीज के पौधे बनने के बीच उसको रोगों से बचावों के लिए उपयोग किये जाने वाले कीटनाशक का प्रयोग के विषय में पूर्ण जानकारी और सहायता किसानों को प्रदान की जाती है, जिससे फसल का उत्पादन अच्छा हो सके |

वैज्ञानिक विधि की आवश्यक जानकारी

वैज्ञानिक विधि की आवश्यक जानकारी इस प्रकार है –

जमीन का चुनाव

सर्वप्रथम आपको जमीन के अनुसार फसलों का चयन करना चाहिए, आपको अपने क्षेत्र में होने वाली फसल ही बोनी चाहिए, जिससे फसल में कम लागत आएगी और उत्पादन भी अच्छा होगा |

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बोवाई की विधि

किसी भी फसल के लिए उसके बीज बोवाई की विधि के बारे में किसान लोगों को सही जानकारी होनी चाहिए | किसान इसके लिए किसान सहायता के लिए प्रदान किया गया टोल फ्री नंबर का प्रयोग कर सकते है | फसल से सम्बंधित जानकारी दूरदर्शन और किसान चैनल पर भी प्राप्त हो जाती है, आप इनका प्रयोग कर के विधि के बारे सही जानकारी प्राप्त करके बोवाई की सही विधि की जानकारी कर सकते है |

उर्वरक का प्रयोग

आप अपनी भूमि की जाँच करवा कर ही उर्वरक का प्रयोग करे अन्यथा आपका पैसा और फसल दोनों का नुकसान होगा, इसमें वैज्ञानिकों द्वारा निर्धारित की गयी मात्रा का ही प्रयोग करे |

कीटनाशक का प्रयोग

बीज बोने के बाद उसकी देखभाल करते रहना चाहिए और उस दौरान फसल में कोई रोग लगने लगे, तो समय रहते ही उस पर कीटनाशक का प्रयोग करना चाहिए | सदैव वैज्ञानिकों द्वारा निर्धारित कीटनाशक का ही प्रयोग करना चाहिए, जिससे फसल को किसी भी प्रकार का नुकसान न पहुंच पाए |

सिंचाई

विभिन्न फसलों के अनुसार सिंचाई करना चाहिए, जिस फसल में कम पानी की आवश्यकता होती है, उसमे कम सिंचाई की जा सकती है और जिस फसल के लिए अधिक पानी की आवश्यकता होती है, उसके लिए कई बार सिंचाई  की आवश्यकता होती है, अधिक पानी और पानी की कमी दोनों ही फसल के लिए हानिकारक होती है, इसलिए वैज्ञानिक विधि में निर्धारित नमी के अनुसार ही सिचाई करनी चाहिए |

यहाँ पर हमनें आपको वैज्ञानिक विधि से खेती के विषय में जानकारी उपलब्ध करायी है, यदि इस जानकारी से सम्बन्धित आपके मन में किसी प्रकार का प्रश्न आ रहा है, अथवा इससे सम्बंधित अन्य कोई जानकारी प्राप्त करना चाहते है, तो कमेंट बाक्स के माध्यम से पूँछ सकते है,  हम आपके द्वारा की गयी प्रतिक्रिया और सुझावों का इंतजार कर रहे है |

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