NIRVIK योजना क्या है

NIRVIK योजना से सम्बन्धित जानकारी

केंद्र सरकार ने सभी व्यापारिक क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए, आसान तरीके से ऋण मुहैया करवाने की  व्यवस्था इस बजट सत्र के अंतर्गत की गई है | अब सभी निर्यातकों के लिए ऋण की उपलब्धता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारतीय निर्यात साख प्रत्याभूति निगम (Export Credit Guarantee Corporation of India – ECGC) संस्था द्वारा “निर्विक / NIRVIK” नाम से एक योजना लागू की गई है | यह योजना वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अधीन होगी| यदि आप भी NIRVIK योजना क्या है, निर्विक (NIRVIK) का फुल फॉर्म क्या होता है, इसका उद्देश्य क्या इसके विषय में जानना चाहते है तो इसकी जानकारी प्रदान की जा रही है |

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निर्विक (NIRVIK) का फुल फॉर्म

निर्विक/ NIRVIK का फुल फॉर्म “Niryat Rin Vikas Yojana” होता है इसे हिंदी में ‘निर्यात ऋण विकास योजना’ कहा जाता है | इस योजना के अनुसार अगर किसी प्रकार का नुकसान होता है, तो ECGC (Export Credit Guarantee Corporation Loan scheme) द्वारा लगभग 60% तक की ऋण गारंटी प्रदान करने के नियम बनाया गया है | भारत सरकार छोटे निर्यातकों के लिए बीमा प्रीमियम दरों को कम करके 0.6% तक कर दिया जायेगा | इस योजना लाभ देश के उन निर्यातकों को मिलेगा, जिनके पास 80 करोड़ रुपये से कम की बकाया सीमा होगी|

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निर्विक/NIRVIK योजना की विशेषताएं

निर्विक / NIRVIK योजना से निर्यातकों को अनेक सुविधाएँ प्राप्त होगी, निर्विक / NIRVIK योजना की मुख्य विशेषताएं कुछ इस प्रकार है –

  • इस योजना के तहत मूलधन और ब्याज का 90% तक बीमा कवर किये जाने का नियम होगा |
  • इससे यह भी सुनिश्चित होगा कि ब्याज विदेश निर्यात के लिए 4% से कम और रूपये में निर्यात के लिए 8% से कम रहने का नियम होगा |
  • बीमा कवर में pre और post shipment credit दोनों शामिल किये जायेंगे |
  • निर्यात ऋण विकास योजना के अंतर्गत 80 करोड़ रुपये से ज्यादा की लिमिट वाले उधारकर्ताओं के ऊपर रत्न आभूषण और हीरे (Gems, Jewellery, Diamond – GJD) के क्षेत्र में उच्च हानि दर के कारण इस श्रेणी के Non-GJD क्षेत्र के ऋणकर्ताओं की तुलना में अधिक प्रीमियम दर रखी जाएगी |
  • 80 करोड़ रुपये से कम की लिमिट वाले खाताधारकों के लिए प्रीमियम की दर 60% तक प्रति वर्ष और मध्यम रूप से 80 करोड़ रुपये से ज्यादा के लिए 0.72% तक प्रति वर्ष निर्धारित की जाएगी |
  • 10 करोड़ रु. से अधिक के नुकसान की जाँच हेतु ECGC कर्मचारी बैंक के दस्तावेजों एवं लेन-देनो का निरिक्षण करेंगे |
  • मूलधन और ब्याज की राशि पर ECGC को बैंकों द्वारा हर महीने एक नियत प्रीमियम का भुगतान किया जायेगा |

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निर्विक/NIRVIK योजना के लाभ

  • निर्विक योजना के द्वारा निर्यातकों को ऋण लेना अत्यंत सुगम और सुलभ हो जायेगा |
  • इस योजना के द्वारा भारत से होने वाले निर्यातों में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी |
  • इसके द्वारा ECGC की प्रक्रियाएँ निर्यातकों के अनुकूल बन सकेंगी |
  • बीमा कवर की सुविधा के कारण ऋण की लागत और नीचे आ जाएगी |
  • NIRVIK योजना से निर्यात क्षेत्र में समय पर और पर्याप्त रूप से कार्य करने हेतु योग्य पूँजी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी |

निर्विक/NIRVIK योजना के उद्देश्य

इस योजना की शुरुआत करने का प्रमुख उद्देश्य निर्यातकों के लिए ऋण उपलब्ध करवाना और सामर्थ्य को बढ़ावा देना था | यह योजना भारतीय निर्यात को प्रतिस्पर्धी बनाने और ईसीजीसी (ECGC) प्रक्रियाओं को निर्यातक के अनुरूप बनाने में सहायता प्रदान करेगा| यह नई योजना करों की प्रतिपूर्ति के साथ MSME निर्यातक भी इससे लाभान्वित होंगे| बीमा कवर की सुविधा होने से पूंजीगत राहत की वजह से ऋण की लागत में कमी आने की उम्मीद जताई गई है |

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