भारतीय संविधान सभा का गठन कब हुआ था

भारतीय संविधान सभा का गठन और सदस्यों की जानकारी (Constituent Assembly and Member)

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने आधिकारिक रूप से पहली बार सन 1935 में एक संविधान सभा की मांग की थी| यह विचार एम.एन. रॉय द्वारा दिया गया था| ब्रिटिश सरकार ने 1940 के ‘अगस्त प्रस्ताव’ में कांगेस की इस बात को माना और वर्ष 1942 में ‘क्रिप्स प्रस्ताव’ के अंतर्गत कांग्रेस की इस मांग को स्वीकार कर लिया गया| भारत के संविधान का निर्माण संविधान सभा द्वारा किया गया| संविधान सभा की स्थापना वर्ष 1946 के कैबिनेट मिशन योजना अंतर्गत की गई। संविधान सभा के कुल 389 सदस्य थे, जिसमें से 292 प्रांतों के प्रतिनिधि, 93 देशी रियासतों के प्रतिनिधि तथा चार केन्द्र शासित प्रदेश में प्रतिनिधि थे। भारतीय संविधान सभा का गठन कब हुआ था, इसमें कितने सदस्य थे ? इसके बारें में आपको इस पेज पर विस्तार से बता रहे है|

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भारतीय संविधान सभा का गठन (Constituent Assembly)

भारतीय संविधान सभा का निर्माण ‘भारत के संविधान’ की रचना के लिए किया गया था। संविधान सभा की कार्यवाही 13 दिसम्बर 1946 को जवाहर लाल नेहरू द्वारा पेश किये गए एक उद्देश्य प्रस्ताव के साथ प्रारम्भ हुई थी। जुलाई 1945 में द्वितीय विश्वयुद्ध की समाप्ति के बाद ब्रिटेन में एक नयी सरकार का गठन हुआ। इस नयी सरकार ने भारत के संबन्ध में अपनी नई नीति की घोषणा की तथा एक संविधान निर्माण करने वाली समिति बनाने का निर्णय लिया। कैबिनेट मिशन के द्वारा 1946 में संविधान सभा का बुनियादी ढाँचा तय किया गया, संविधान सभा में कुल सदस्य संख्या 389 होगी, जिनमें ब्रिटिश प्रान्तों के 292 सदस्य, देशी रियासतों के 93 सदस्य 4 कमिश्नरी क्षेत्र की प्रतिनिधि, और प्रत्येक प्रान्त से 10 लाख पर एक प्रतिनिधि का विचार था।

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संविधान सभा में सदस्य (Member of Constituent Assembly)

संविधान सभा के सदस्यों को सम्प्रदाय के अधार पर तीन वर्गों मुस्लिम, सिख और सामान्य में बाँटा गया| पहला अधिवेशन 9 दिसम्बर1946 को हुआ, मुस्लिम लीग ने इसका बहिष्कार किया। 3 जून 1947 के विभाजन योजना के द्वारा पाकिस्तान के लिए पृथक संविधान सभा का गठन किया गया। पश्चिम बंगाल व पूर्वी पंजाब के प्रान्तों मे नए निर्वाचन किए गए। पुनर्गठित संविधान सभा में 324 सदस्यों की संख्या निश्चित की गयी। 31 अक्टूबर 1947 को संविधान सभा बुलायी गयी, तब उसमें 299 सदस्य थे, जिसमे 70 देशी रियासतों के प्रतिनिधि थे। हैदराबाद रियासत के सदस्य संविधान सभा में शामिल नही हुऐ|

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9 दिसम्बर 1946 मे संविधान सभा की पहली बैठक दिल्ली संसद भवन की केन्द्रीय कक्ष में हुई थी, इसमें अस्थायी अध्यक्ष डॉ. सच्चिदानन्द सिन्हा चुने गए। 11 दिसम्बर 1946 डॉक्टर राजेन्द्र प्रसाद को स्थायी अध्यक्ष चुना गया, 13 दिसम्बर 1946 संविधान सभा में नहेरू ने उदेश्य प्रस्ताव प्रस्तुत किया। 22 जनवरी 1947 को संविधान सभा द्वारा उदेश्य प्रस्ताव स्वीकृत हुआ। 29 अगस्त 1947 को भीमराव अम्बेडकर की अध्यक्षता मे प्रारूप समिति का गठन हुआ। श्री बी.एन. राव ( बेनेगल नरसिंह राव जो एक न्यायधीश थे ) संविधान सभा के संवैधानिक सलाहकार थे।

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11 दिसम्बर 1946 को दूसरी बैठक में संविधान सभा ने डॉ . राजेन्द्र प्रसाद को अपना स्थायी अध्यक्ष तथा एस सी . मुखर्जी को उप सभापति नियुक्त कर लिया । सर बी . एन राव को संविधान सभा संवैधानिक परामर्शदाता नियुक्त किया गया। देश का विभाजन होने के उपरांत मुस्लिम लीग ने संविधान सभा से अपने सदस्यों को वापस बुला लिया। इसके फलस्वरूप विधानसभा के सदस्यों की संख्या घटकर 299 रह गई । इनमें से 229 प्रांतों प्रतिनिधि तथा 70 प्रांतों के प्रतिनिधि थे।

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संविधान सभा के कार्य (Functions of the Constituent Assembly)

  • संविधान तैयार करना।
  • अधिनियमित कानूनों को निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल किया गया।
  • 22 जुलाई 1947 को संविधान सभा द्वारा राष्ट्रीय ध्वज को अपनाया गया।
  • इसने मई 1949 में ब्रिटिश राष्ट्रमंडल में भारत की सदस्यता को स्वीकार कर मंजूरी दे दी थी।
  • 24 जनवरी 1950 को भारत के प्रथम राष्ट्रपति के रूप में डॉ राजेन्द्र प्रसाद को चुना गया था ।
  • 24 जनवरी 1950 को इसने राष्ट्रीय गान को अपनाया।
  • 24 जनवरी1950 को इसने राष्ट्रीय गीत को अपनाया।

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संविधान सभा की प्रारूप समिति के सदस्य (Member of Drafting Committee Constituent Assembly)

  • डॉ. बी. आर. अम्बेडकर
  • एन. गोपालास्वामी आयंगर
  • अल्लादी कृष्णा स्वामी
  • के. एम. मुन्शी
  • मुहम्मद सदाउल्ला
  • बी. एल. मित्तर ( अस्वस्थ होने के कारण त्यागपत्र दे दिया और उनके स्थान पर एन माधवन राव को नियुक्त किया गया।)
  • डी. पी. खेतान ( इनकी मृत्यु 1948 में हो गई और उनके स्थान पर टी. कृष्णमाचारी को सदस्य बना दिया गया)

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संविधान सभा की समितियां (Committees of Constituent Assembly)

संविधान सभा ने संविधान बनाने के विभिन्न पहलुओं पर अध्ययन के लिए आठ प्रमुख समितियों का गठन किया था-

  • केंद्रीय शक्तियों वाली समिति
  • केंद्रीय संविधान समिति
  • प्रांतीय संविधान समिति
  • मसौदा समिति
  • मौलिक अधिकारों और अल्पसंख्यकों के लिए सलाहकार समिति
  • प्रक्रिया समिति के नियम
  • राज्यों की समिति (राज्यों के साथ बातचीत के लिए समिति)
  • जवाहर लाल नेहरू संचालन समिति।

इन 8 समितियों के अलावा सबसे महत्वपूर्ण मसौदा समिति थी। संविधान सभा ने 29 अगस्त 1947 को भारतीय संविधान का मसौदा तैयार करने के लिए डॉ बी.आर. अम्बेडकर की अध्यक्षता में एक मसौदा समिति का गठन किया था।

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