ग्राम विकास अधिकारी कैसे बने

ग्राम विकास अधिकारी  (VDO) कैसे बने 

ग्राम विकास अधिकारी एक अराजपत्रित सरकारी कर्मचारी होता है, जो ग्राम प्रधान का सचिव होता है, इसके पूर्व में इसे पंचायत सेवक कहा जाता था, वर्तमान में सरकार नें पंचायत सेवक के नाम को परिवर्तित कर ग्राम विकास अधिकारी (VDO) कर दिया गया है,  ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारी एक पद के दो नाम है, ग्राम पंचायत अधिकारी पंचायती राज विभाग का कर्मचारी होता है, जबकि ग्राम विकास अधिकारी, ग्रामीण विकास मंत्रालय का कर्मचारी होता है, ग्राम विकास अधिकारी एक महत्वपूर्ण पद है, और आप ग्राम विकास अधिकारी कैसे बन सकते है, इसके बारें में आपको इस पेज पर विस्तार से बता रहें है |

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ग्राम विकास अधिकारी बननें हेतु योग्यता (Eligibility)

ग्राम पंचायत अधिकारी या VDO बननें के लिए अभ्यर्थी को बारहवीं उत्तीर्ण होना आवश्यक है, इसके साथ-साथ अभ्यर्थी के पास CCC कम्प्यूटर कोर्स में डिप्लोमा होना आवश्यक है ।

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आयु सीमा (Age Limit)

ग्राम विकास अधिकारी पद हेतु अभ्यर्थी की आयु 18 वर्ष से 40 वर्ष के मध्य होना आवश्यक है |

ग्राम विकास अधिकारी का सैलरी (Salary of VDO)

ग्राम विकास अधिकारी या ग्राम पंचायत अधिकारी को  के रूप में 5200-20200 रुपये प्राप्त होते है ।

ग्राम विकास अधिकारी हेतु चयन प्रक्रिया (Selection Process)

इस पद पर अभ्यर्थी को उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा में सम्मिलित होना होता है, अभ्यर्थी का  चयन तीन चरणों के माध्यम से होता  है, प्रथम चरण में अभ्यर्थी को लिखित परीक्षा देनी होती है, इस चरण में सफल अभ्यर्थियों को द्वितीय चरण अर्थात साक्षात्कार हेतु बुलाया जाता है, तथा तृतीय चरण के अंतर्गत शारीरिक योग्यता जाँच परीक्षा होती है | लिखित परीक्षा के लिए एक घंटे तीस मिनट का समय प्राप्त होता है, जिसमें  30 अंक के 30 प्रश्न हिंदी और लेखन क्षमता से सम्बन्धित होंगे, 20 प्रश्न जनरल एप्टीट्यूड टेस्ट के, और 30 प्रश्न सामान्य जागरूकता से सम्बन्धित होंगे,  साक्षात्कार के लिए 20 अंक निर्धारित किया गया है |

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लिखित परीक्षा पाठ्यक्रम (Exam Pattern)

परीक्षा चरण विषय प्रश्नों की संख्या अंक
प्रथम चरण भाग-1 हिंदी लेखन क्षमता 30 30
भाग-2 सामान्य बुद्धि परीक्षण 20 20
भाग-3 सामान्य जागरूकता 30 30
द्वितीय चरण साक्षात्कार 20
कुल 100

लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार में सफल अभ्यर्थियों को शारीरिक योग्यता जाँच परीक्षा हेतु बुलाया जाता है, जिसमें शारीरिक व्यायाम, 01 मील दौड़, लम्बा कूद, 04 मील सायकिल रेस एवं 02 मील टहलना आदि सम्मिलित होता है |

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भाग 1 – हिंदी लेखन क्षमता  

इस विषय में अभ्यर्थियों से हिंदी भाषा के ज्ञान, समझ तथा लेखन योग्यता सम्बन्धी प्रश्न पूछे जायेंगे, यह भाग उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाई स्कूल परीक्षा अथवा समकक्ष परीक्षा के स्तर की होती है, इसमें अलंकार, रस, समास, पर्यायवाची, विलोम, तत्सम एवं तदभव, सन्धियां, वाक्यांशों के लिए शब्द निर्माण, लोकोक्तियाँ एवं मुहावरे, वाक्य संशोधन – लिंग, वचन, कारक, वर्तनी, त्रुटि से सम्बंधित अनेकार्थी शब्द आदि से सम्बंधित प्रश्न पूछें जायेंगे |

भाग 2 – सामान्य बुद्धि परीक्षण

इस भाग में पूछे जाने वाले प्रश्नों का उद्देश्य किसी नवीन परिस्थिति को समझने, उसके विभिन्न तत्वों का विश्लेषण कर पहचान करने एवं तर्क करनें की क्षमता का आकलन किया जाता है,  इस भाषा में ऐसे प्रश्न भी पूछे जायेंगे जो अनुदेशों को समझने, सम्बन्धो, समानताओं  का पता लगाने, निष्कर्ष निकालनें  तथा बौद्धिक क्रियाओं से सम्बंधित होंगे ।

सामान्य बुद्धि परीक्षण से सम्बंधित महत्वपूर्ण विषय  

रिश्ते की अवधारणाएं, मतभेद, समानता, प्रलय, मौखिक और आकृति वर्गीकरण, विश्लेषण, अवलोकन, उपमा, समस्या को सुलझाना,निर्णय लेना, अंतरिक्ष दृश्यता, दृश्य स्मृति |

भाग 3 – सामान्य जानकारी

इस भाग में अभ्यर्थियों से वातावरण के सम्बन्ध में सामान्य जानकारी तथा समाज में उसकी उपयोगिताओं के सम्बन्ध में, योग्यता मापने के लिए प्रश्न पूछे जायेंगे,  इस भाग में सम-सामायिक घटनाओ, प्रतिदिन दृष्टिगोचर होने तथा अनुभव में आने वाले तथ्यों, विशेष रूप से भारत से सम्बंधित ऐतिहासिक, भौगोलिक तथ्यों से सम्बंधित एवं वैज्ञानिक पहलुओं से सम्बंधित प्रश्न भी पूछे जायेंगे ।

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सामान्य ज्ञान से सम्बंधित महत्वपूर्ण विषय

भारतीय राजनीति, आईटी और अंतरिक्ष, भारतीय संस्कृति और विरासत, भारतीय भूगोल, भारतीय संविधान, नवर्तमान घटनाक्रम – राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय, भारतीय इतिहास,  विज्ञान प्रौद्योगिकी, भारतीय अर्थव्यवस्था, यूपी संस्कृति और विरासत |

ग्राम विकास अधिकारी या ग्राम पंचायत अधिकारी के कार्य 

पंचायत सचिव को पंचायत कार्यालय का प्रभारी कहा जाता है, जो पंचायत कार्यालय संबंधित कार्यो को देखते हैं,  जिनके अंतर्गत  सरकारी योजनाओं का लेखा-जोखा रखना होता है, पंचायत के जनप्रतिनिधि द्वारा पास किया बजट और उनके कागजात संबंधी कामों को भी पंचायत सचिव देखते हैं |

  • गांव की स्वच्छता की व्यवस्था करना |
  • खाद भंडारण के लिए स्थानों का आवंटन ।
  • जन्म, मृत्यु और विवाह और अन्य अभिलेखों के रख-रखाव के पंजीकरण के रूप में पंजीकरण ।
  • कृषि, उद्योग और वाणिज्य के विकास की सहायता करना ।
  • बाल कल्याण और मातृत्व |
  • सामान्य चराई भूमि (चरगह) की स्थापना, रखरखाव और देखभाल करना ।
  • अधिनियम के द्वारा सौंपी गई तथा सरकार या जिला पर्षद द्वारा सौंपी गई स्कीमों की वार्षिक योजनाएँ बनाना तथा जिला योजना में सम्मिलित करनें हेतु विहित समय के अन्दर में जिला परिषद में प्रस्तुत करना होता है |
  • ग्राम पंचायतों की वार्षिक योजनाओं पर समिति पर विचार विमर्श एवं समेकन करना तथा समेकित योजना को जिला परिषद में प्रस्तुत करना |
  • पंचायत समिति का वार्षिक बजट बनाना तथा समेकित योजना को जिला परिषद में प्रस्तुत करना।
  • ऐसे कार्यकलापों का सम्पादन एवं ऐसे कार्यों का निष्पादन जो सरकार या जिला परिषद द्वारा दिए गये हो, जैसे  कृषि (कृषि विस्तार सहित),भूमि सुधार एवं भू-संरक्षण, लघु सिंचाई, गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम,पशुपालन आदि |

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यहाँ आपको हमनें ग्राम विकास अधिकारी बननें के बारें में बताया, यदि इस जानकारी से सम्बन्धित आपके मन में किसी प्रकार का प्रश्न आ रहा है, अथवा इससे सम्बंधित अन्य कोई जानकारी प्राप्त करना चाहते है, तो कमेंट बाक्स के माध्यम से पूँछ सकते है,  हमें आपके द्वारा की गयी प्रतिक्रिया और सुझावों का इंतजार है |

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