मनोहर पर्रिकर (Manohar Parrikar) का जीवन परिचय

मनोहर पर्रिकर से सम्बंधित जानकारी  (Manohar Parrikar) 

भारतीय राजनीति में कई महान नेता हुए है, जिनकी चर्चा और मिशाल दूसरे लोगों की दी जाती है, मनोहर पर्रिकर जी भी उनमे से एक है, वह अपनी साफ सुथरी छवि के लिए लोगों के लिए जाने जाते थे | भारत में कई भ्रष्ट चेहरे है, जिनके कारण भारत की राजनीति को बहुत ही नुकसान हुआ है जिससे आम नागरिक राजनीति से दूर ही रहना पसंद करता है, लेकिन मनोहर पर्रिकर जी ने भारत की राजनीति की तस्वीर में बहुत कुछ बदलने का प्रयास किया है, उनके इस योगदान के लिए भारत सदैव उनका आभारी रहेगा | इस पेज पर मनोहर पर्रिकर (Manohar Parrikar) के जीवन परिचय, शिक्षा, उपलब्धियों के विषय में जानकारी दी जा रही है |

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मनोहर पर्रिकर (Manohar Parrikar) का जीवन परिचय

मनोहर पर्रिकर का जन्म गोवा राज्य के मापुसा नामक स्थान पर 13 दिसंबर 1955 को हुआ था | इनके पिता कर नाम गोपाल कृष्ण पर्रिकर तथा माता का नाम राधा बाई पर्रिकर था | इनके दो पुत्र उत्पल पर्रिकर और अभिजीत पर्रिकर है | कैंसर के कारण इनकी पत्नी मेधा पर्रीकर जी का देहांत हो गया था | इन्होंने मुख्यमंत्री होने के साथ-साथ अपने बच्चों की जिम्मेदारी भी बहुत अच्छे तरीके से निभाई |

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शिक्षा (Education)

उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा लोयोला हाई स्कूल, मडगांव में पूरी की थी । मराठी में अपनी माध्यमिक शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने 1978 में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, बॉम्बे (IIT बॉम्बे) से धातुकर्म इंजीनियरिंग में स्नातक की उपाधि प्राप्त की । वह भारत के पहले ऐसे विधायक थे जिन्होंने अपनी शिक्षा IIT से प्राप्त की थी | साल 2001 में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, बॉम्बे ने उन्हें प्रतिष्ठित पूर्व छात्र पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया था |

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उपलब्धियां (Achievements)

मनोहर पर्रिकर जी ने वर्ष 1994 में गोवा की पणजी सीट से बीजेपी की तरफ से विधानसभा चुनाव लड़ा इसमें उन्हें जीत प्राप्त हुई | लेकिन बीजेपी की अधिक सीटें नहीं मिल पायी जिस वजह से इन्होंने गोवा की विधानसभा में विपक्ष नेता की भूमिका निभाई | वर्ष 2000 में गोवा में हुए विधान सभा चुनावों में बीजेपी को सत्ता में आने का मौका मिला बीजेपी ने मनोहर पर्रिकर मुख्यमंत्री के रूप में चुना | मुख्यमंत्री बनने के एक वर्ष के बाद ही इनकी पत्नी का देहांत हो गया था तब से वह थोड़ा परेशान से रहने लगे, परन्तु इसके बाद भी इन्होंने गोवा के मुख्यमंत्री के रूप में चार बार भूमिका अच्छे से निभाई |

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राजनीतिक करियर (Political Career)

  • मनोहर पर्रिकर वर्ष 1988 में, वह भाजपा की सदस्यता ग्रहण की
  • वर्ष 1994 में, वह पहली बार गोवा विधान सभा के लिए चुनाव में जीत दर्ज की
  • वर्ष 1994 -2001 तक, इन्होंने गोवा राज्य में भारतीय जनता पार्टी के जनरल सचिव और प्रवक्ता के रूप में कार्य किया
  • पहली बार 24 अक्टूबर 2000 को मनोहर पर्रिकर गोवा के मुख्यमंत्री के रूप में चुने गए लेकिन कार्यकाल पूरा नहीं हो पाया
  • वह फिर से 5 जून 2002 को गोवा के मुख्यमंत्री के रूप में चुने गए
  • पर्रिकर जी को जून 2007 में गोवा राज्य के पांचवीं विधान सभा में विपक्ष के नेता के रूप में चुने गए
  • मार्च 2012 में पुनः इन्हें गोवा मुख्यमंत्री के रूप में नियुक्त किया गया
  • वर्ष 2014 बीजेपी की केंद्र में सरकार बनने के बाद इन्हें केंद्रीय रक्षा मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया जिस कारण इन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया
  • रक्षा मंत्री मंत्री बनने के बाद गोवा की राजनीतिक में कई परिवर्तन हुए जिस कारण विधान सभा चुनाव में बीजेपी को बहुमत नहीं मिल सका | इसके बाद इन्हें दोबारा रक्षा मंत्री के पद को छोड़ कर सरकार बनने के लिए भेजा गया | 14 मार्च 2017 को वह गोवा के 13 वें मुख्यमंत्री के रूप में चुने गए, तब से 17 मार्च 2019 तक वह गोवा के मुख्यमंत्री रहें | 17 मार्च 2019 की शाम को लम्बी बीमारी के कारण इनका निधन हो गया

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