डॉ भीमराव अंबेडकर के बारे में जानकारी

डॉ भीमराव अंबेडकर के बारे में जानकारी 

डॉ भीमराव अंबेडकर जी को भारतीय संविधान का निर्माता कहा जाता है | संविधान के निर्माण में इन्होंने अत्यधिक परिश्रम किया था, और संविधान के निर्माण में इन्हें 2 वर्ष 11 माह 18 दिन का समय लगा था | इन्हीं की विचार शक्ति और प्रतिभा के कारण भारत एक मजबूत राष्ट्र बनकर सम्पूर्ण विश्व के सामने खड़ा हो पाया है | इससे पहले और बाद में कई देशों में संविधान बनाये गए परन्तु किसी न किसी कारण से उनको संविधान को निरस्त करना पड़ा परन्तु भारत ने अपने पहले ही प्रयास में संविधान निर्माण में सफलता प्राप्त की थी | इसका समस्त श्रेय डॉ भीमराव अंबेडकर जी को जाता है | संविधान निर्माता डॉ० भीमराव अंबेडकर के बारे में आपको इस पेज पर महत्वपूर्ण जानकारी दे रहे है |

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डॉ भीमराव अंबेडकर के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी

  • 1.डॉ. भीमराव राम अंबेडकर जी का जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के एक छोटे से गांव में हुआ था |
  • 2.यह महार जाति से सम्बंधित थे, जिसे समाज में बहुत ही हीन भावना से देखा जाता था |
  • 3.अंबेडकर जी के पिता का नाम रामजी मालोजी सकपाल और माता का नाम भीमाबाई था |
  • 4.यह अपने माता-पिता की 14 वीं व अंतिम संतान थे |
  • 5.अंबेडकर जी के पिता अंग्रेज भारतीय सेना की मऊ छावनी में कार्यरत थे |
  • 6.इन्होंने वर्ष 1907 में मैट्रिकुलेशन की परीक्षा उत्तीर्ण की थी और उसके बाद वह बड़ौदा महाराज द्वारा प्रदान की गयी आर्थिक सहायता से एलिफिन्सटन कॉलेज से वर्ष 1912 में स्नातक की परीक्षा उत्तीर्ण की |
  • 7.अंबेडकर जी ने अमेरिका के कोलम्बिया विश्वविद्यालय से सन 1915 में अर्थशास्त्र से एम.ए. किया था | एम.ए. के बाद प्रसिद्ध अमेरिकी अर्थशास्त्री सेलिगमैन के मार्गदर्शन से इन्होंने कोलंबिया विश्वविद्यालय से 1917 में पी एच. डी. की परीक्षा उत्तीर्ण की |
  • 8.अंबेडकर जी विदेश जाकर अर्थशास्त्र में डॉक्टरेट की डिग्री प्राप्त करने वाले प्रथम भारतीय थे |
  • 9.इन्हें लगभग 9 भाषाओं को ज्ञान था |
  • 10.भारत वापस आने के बाद अंबेडकर जी को वर्ष 1926 में बम्बई की विधान सभा के सदस्य के रूप में नामित किया गया |
  • 11.डॉ भीमराव अंबेडकर स्वतंत्र भारत के प्रथम कानून मंत्री थे |
  • 12.भारत के संविधान निर्माण में अंबेडकर जी का महत्वपूर्ण योगदान था | इन्हें के प्रयासों से यह सम्पन्न हो पाया था | भारतीय संविधान का मुख्य निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर जी को ही माना जाता है |

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  • अंग्रेज़ी भाषा में अंबेडकर जी की लिखी रचना को महाराष्ट्र राज्य सरकार ने ‘डॉ. बाबा साहब आम्बेडकर राइटिंग्स एंड स्पीचेज’ नाम से प्रकाशित किया है |
  • हिन्दी भाषा में इनके द्वारा लिखी रचना को भारत सरकार ने ‘बाबा साहब डॉक्टर आम्बेडकर सम्पूर्ण वाङ्मय’ के नाम से प्रकाशित किया है |
  • भारतीय बौद्ध भिक्षुओं ने डॉ. अंबेडकर को बोधिसत्व की उपाधि प्रदान की थी |
  • मधुमेह से पीड़ित होने के कारण 6 दिसंबर 1956 को अंबेडकर जी की मृत्यु हो गई थी |
  • वर्ष 1990 में भारत के सर्वोच्‍च सम्‍मान भारत रत्‍न से डॉ भीम राव अंबेडकर जी को सम्‍मानित किया गया था |
  • भारत में डॉ. भीमराव अंबेडकर जी को ‘समानता का प्रतीक’ माना जाता है |
  • यह एक एक मात्र भारतीय हैं, जिनकी पोर्ट्रेट लन्दन संग्रहालय में कार्ल मार्क्स के साथ लगायी गयी है |
  • डॉ. भीमराव अंबेडकर जी ही एक महान व्यक्ति थे, जिन्हें अंग्रेजों के द्वारा बुलाये गये तीनों गोलमेज सम्‍मेलन में आमंत्रित किया गया

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डा० अम्बेडकर जी के गीत (मराठी में)

 अम्बेडकर जी पर लगभग सभी भाषाओ में लिखे गये है, परन्तु यहाँ हम आपको उनका सबसे प्रसिद्ध गीत मराठी भाषा में दे रहे है, जो  इस प्रकार है-

भीमरावांनी देशावरती प्रेम अलौकिक केले

भीमरावांनी देशावरती प्रेम अलौकिक केले
इतिहासाचे पान सुवर्णी रंगवून ते गेले

गोलमेज ही परिषद हि त्यांनी वाणीने गाजविली

मूलभूत हक्कांची सदनी कैफियत मांडिली

बहिष्कृतांचे दुःख जगाच्या वेशीवर ठेवियले

इतिहासाचे पान सुवर्णी रंगवून ते गेले

प्रतिगामी शक्तींना त्यांनी कडवा विरोध केला

शांतिपथावर रथ क्रांतीचा हाकीत पुढती नेला

तळागाळातील दबलेल्याना पंखगती ती दिधली

इतिहासाचे पान सुवर्णी रंगवून ते गेले

अर्थव्यवस्था या देशाची सुस्थिर भक्कम व्हावी

दारिद्र्याच्या रेषेखालील जनता वरती यावी

स्वप्न गोजिरे भारतभू चे लोचनात रेखियले

इतिहासाचे पान सुवर्णी रंगवून ते गेले

गायक : सुहासिनी, सुरेश वाडकर

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डॉ भीमराव अंबेडकर जी के वीडियो

1.अंबेडकर जी के वीडियो यहाँ देखे

डॉ भीमराव अंबेडकर जी के भाषण

महोदय, संविधान सभा के कार्य पर नजर डालते हुए 9 दिसंबर,1946 को हुई उसकी पहली बैठक के बाद अब दो वर्ष, ग्यारह महीने और सत्रह दिन हो जाएंगे । इस अवधि के दौरान संविधान सभा की कुल मिलाकर 11 बैठकें हुई हैं । इन 11 सत्रों में से छह उद्देश्य प्रस्ताव पास करने तथा मूलभूत अधिकारों पर, संघीय संविधान पर, संघ की शक्तियों पर, राज्यों के संविधान पर, अल्पसंख्यकों पर, अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजातियों पर बनी समितियों की रिपोर्टों पर विचार करने में व्यतीत हुए । सातवें, आठवें, नौवें, दसवें और ग्यारहवें सत्र प्रारूप संविधान पर विचार करने के लिए उपयोग किए गए । संविधान सभा के इन 11 सत्रों में 165 दिन कार्य हुआ । इनमें से 114 दिन प्रारूप संविधान के विचारार्थ लगाए गए ।

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प्रारूप समिति की बात करें तो वह 29 अगस्त, 1947 को संविधान सभा द्वारा चुनी गई थी । उसकी पहली बैठक 30 अगस्त को हुई थी। 30 अगस्त से 141 दिनों तक वह प्रारूप संविधान तैयार करने में जुटी रही । प्रारूप समिति द्वारा आधार रूप में प्रयोग किए जाने हेतु संवैधानिक सलाहकार द्वारा बनाए गए प्रारूप संविधान में 243 अनुच्छेद और 13 अनुसूचियां थीं। प्रारूप समिति द्वारा संविधान सभा को पेश किए गए पहले प्रारूप संविधान में 315 अनुच्छेद और आठ अनुसूचियां थीं। उस पर विचार किए जाने की अवधि के अंत तक प्रारूप संविधान में अनुच्छेदों की संख्या बढ़कर 386 हो गई थी। अपने अंतिम स्वरूप में प्रारूप संविधान में 395 अनुच्छेद और आठ अनुसूचियां हैं। प्रारूप संविधान में कुल मिलाकर लगभग 7,635 संशोधन प्रस्तावित किए गए थे। इनमें से कुल मिलाकर 2,473 संशोधन वास्तव में सदन के विचारार्थ प्रस्तुत किए गए।

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